6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर की इन दो फ्लोर मिल्स पर एसीबी का छापा, फाइलों में दबे हैं कई राज

जिला रसद अधिकारी व भारतीय खाद्य निगम एफसीआई के अधिकारियों ने भी समानान्तर जांच की
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Vikas Choudhary

•

Updated: 11 Oct 2017, 5:25 PM IST

ration dealers scam

ACB, ration dealers scam, ration dealers of jodhpur, Anti Corruption Bureau, rasad vibhag jodhpur, Food Corporation of India, Crime in Jodhpur, Jodhpur

जोधपुर . राशन की दुकानों पर बिकने वाले सरकारी गेहूं की काला बाजारी व दुरुपयोग के संदेह में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी ने राज्य व्यापी कार्रवाई के तहत मंगलवार को बोरानाडा स्थित दो फ्लोर मिल पर छापे मारकर खरीद-फरोख्त के साथ ही स्टॉक व अन्य दस्तावेज जब्त किए। जिला रसद अधिकारी व भारतीय खाद्य निगम एफसीआई के अधिकारियों ने भी समानान्तर जांच की।

पुलिस अधीक्षक एसीबी, अजयपाल लाम्बा के अनुसार उपभोक्ताओं को आपूर्ति के लिए एफसीआई के माध्यम से राशन की दुकानों पर भेजे जाने वाले गेहूं की काला बाजारी की सूचना मिली। जिसके तहत ब्यूरो ने राज्य भर में फ्लोर मिलों पर छापे मारे। एसीबी जोधपुर ने बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रामदेव एग्रो और उमा इण्डस्ट्रीज नामक फ्लोर मिलों में दबिश दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह व उपाधीक्षक जगदीश सोनी ने दोनों फ्लोर मिलों की जांच शुरू की। ब्यूरो ने मिलों से गेहूं के आवक-जावक, ट्रांसपोर्ट की बिल्टियां, बिजली के बिल, खरीद व बिक्री के बिल सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए। इनकी जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि दोनों मिल में जो सरकारी गेहूं पहुंचा है वो काला बाजारी का है अथवा एफसीआई से खरीदशुदा।

डीएसओ व एफसीआई अधिकारियों ने भी दोनों फ्लोर मिलों की अलग से जांच की। एफसीआई मार्का वाले गेहूं के कट्टों से भरे मिले गोदाम ब्यूरो के अनुसार छापा मारी के बाद जांच में दोनों फ्लोर मिले के गोदाम गेहूं के कट्टों से भरे मिले। इनमें से अधिकांश कट्टों पर एफसीआई का मार्का लगा हुआ था। इस बारे में दोनों फ्लोर मिलों ने ब्यूरो को खरीद के बिल पेश किए हैं। यह भी संभावना है कि एफसीआई मार्का वाले कट्टों में गेहूं भरा गया होगा। इस बारे में जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा।

जोधपुर सहित प्रदेश के तीन डीएसओ निलंबित


खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जोधपुर के जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) द्वितीय सुरेश दत्त पुरोहित सहित प्रदेश के तीन डीएसओ को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय अन्य जिलों में किया गया है। इसके अलावा डीएसओ प्रथम कार्यालय में पदस्थापित प्रवर्तन अधिकारी नीलकमल माथुर और प्रवर्तन निरीक्षक शिवराम को भी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निलंबित किया गया है। प्रदेश में कुल दस प्रवर्तन निरीक्षक निलंबित हुए हैं। विभाग ने डीएसओ पुरोहित के संबंध में मिली शिकायतों के बाद जांच प्रभावित नहीं हो, इसलिए उनको निलंबित करके उनका मुख्यालय करौली किया गया है। वे करौली जिला कलक्टर कार्यालय के अधीन रहेंगे। जोधपुर कलक्टर डॉ. रवि सुरपुर को डीएसओ द्वितीय के पद पर किसी आरएएस अधिकारी को लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उदयपुर के डीएसओ द्वितीय जयमल राठौड़ और अलवर डीएसओ पार्थसारथी को भी निंलबित किया गया है।

नीलकमल व शिवराम निलंबित

निलंबन की गाज जोधपुर डीएसओ प्रथम कार्यालय के ईओ नीलकमल माथुर और शिवराम पर भी गिरी। इन दोनों के खिलाफ खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थी। कई बार आम जनता भी गेहूं नहीं मिलने की शिकायतों को लेकर डीएसओ कार्यालय आकर प्रदर्शन कर चुकी है। निलंबन काल के दौरान माथुर का मुख्यालय करौली रहेगा। शिवराम को धौलपुर भेजा गया है। शिवराम की पिछले साल मार्च में ही नौकरी लगी है। एेसे में प्रोबेशन पीरियड में ही उन पर प्रशासनिक कार्यवाही हो गई।