- सूरसगर के व्यापारियों का मोहल्ला में बलवा व उपद्रव का मामला : ईदगाह के दोनों गेट पत्थर चुनवाकर बंद करवाए, दूसरे दिन भी बाजार बंद रहे
जोधपुर.
सूरसागर के व्यापारियों का मोहल्ला व आस-पास के क्षेत्रों में उपद्रव की पहले से साजिश व तैयारी होने का अंदेशा है। बलवा व उपद्रव के बाद पुलिस ने नगर निगम की मदद से पांच-छह मकानों की तलाशी लेकर छतों पर जमा करके रखे दो ट्रॉली पत्थर जब्त किए। इन मकान मालिकों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, सूरसागर में लगे 39 सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की पहचान करने के बाद 17 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। क्षेत्र में अभी भी हालात तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। हालांकि अधिकांश बाजार तीसरे दिन रविवार को भी नहीं खुले। पुलिस ने फ्लैग मार्च कर शांति बनाए रखने की अपील की।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) निशांत भारद्वाज ने बताया कि उपद्रव के दौरान मकानों की छतों से पथराव किया गया था। ऐसे में ड्रॉन को संदिग्ध मकानों की छतों पर घूमाया गया। इस दौरान छतों पर बड़ी संख्या में पत्थर नजर आए। पुलिस लवाजमे ने नगर निगम के साथ पांच-छह मकानों की तलाशी ली। इनकी छत व अन्य जगहों पर बाल्टियों में भरे भारी-भरकम पत्थर मिले। करीब दो ट्रॉली पत्थर जब्त किए गए। इन मकान मालिकों को भी हिरासत में लिया गया। आरिफ को उपद्रव का मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जो अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।
अप्रेल 2019 में सूरसागर क्षेत्र में उपद्रव के बाद पुलिस ने व्यापारियों का मोहल्ला व आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों में 39 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इनकी मॉनिटरिंग के लिए पुलिस स्टेशन सूरसागर में थानाधिकारी के कक्ष में दो एलइडी लगी है। इसके अलावा अभय कमाण्डएण्ड कंट्रोल सेंटर में भी अलग से मॉनिटरिंग की जाती है। इस बार उपद्रव करने वालों की इन्हीं कैमरों के फुटेज से पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं के आधार पर पुलिस ने 17 और लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। अब तक 66 जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गत शुक्रवार को राजाराम सर्कल के पास ईदगाह के पिछले हिस्से की दीवार से दो गेट निकालने को लेकर विरोध हुआ था। विवाद व विरोध के बाद दोनों गुटों में बातचीत के बाद गेट बंद करने पर सहमति बन गई थी, लेकिन फिर पथराव व उप्रदव हो गया था। पुलिस ने रविवार को गेट बंद करने के लिए ईदगाह संचालकों से बात की। टालमटोल के बाद पत्थर की दीवार चुनकर दोनों गेट बंद करवा दिए गए।
पांच साल पहले भी उपद्रव के दौरान मकानों की छतों से पथराव किए गए थे। पुलिस ने ड्रॉन की मदद से सर्च करवाया था। कुछ पत्थर मिले भी थे, लेकिन अब फिर से लोगों ने छतों व मकानों में पत्थर एकत्रित कर लिए। पुलिस का कहना है कि असुरक्षा की आशंका और बचाव में पथराव करने के लिए दुबारा पत्थर एकत्रित कर लेते हैं। इसलिए अब नियमित तौर पर तलाशी ली जाएगी।