जोधपुर

शीतलहर से बदला जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान में वन्यजीवों का डाइट चार्ट, धूप के साथ खा रहे ये सब

सभी वन्यजीवों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए पिंजरों में पर्दे के इंतजाम किए है।
2 min read
• •
Updated: 15 Dec 2017, 3:04 PM IST
wild animals at machia biological park jodhpur
Machia Biological Park, wild animals at machia biological park, machia biological park aerial view, Machia Biological Park Jodhpur, wild animals in jodhpur zoo, jodhpur zoo, jodhpur news

जोधपुर . तापमान में गिरावट से जहां शहरभर में लोगों की दिनचर्या बदल गई है वहीं वन्यजीवों का भी यही हाल देखने को मिल रहा है। ठंड से बचने के लिए मारवाड़ के लोगों का खान-पान खासकर प्रभावित होता है और लोग विशेष प्रकार के व्यंजन सहित गरिष्ठ भोजन को महत्व देते हैं। इस तरह यहां के वन्यजीवों की सेहत के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। माचिया जैविक उद्यान प्रशासन ने पैंथर जोड़े सलीम-मधीना व एशियाटिक लॉयन जोड़ा आरटी व जीएस सहित सभी वन्यजीवों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए पिंजरों में पर्दे के इंतजाम किए है।

उम्मेद उद्यान जंतुआलय से हाल ही में शिफ्ट किए गए पक्षियों बजरीगर, पहाड़ी तोते, एेमू व अन्य प्रजातियों के पक्षी गुरुवार को सर्दी से ठिठुरते नजर आए। हालांकि पक्षियों को शीतलहर के प्रकोप से बचाने के लिए पिंजरों को पर्दे से ढकने के इंतजाम किए गए है। उपवन संरक्षक भगवानसिंह राठौड़ ने बताया कि दर्शकों के लिए सुबह ९ बजे पर्दे हटा दिए जाते है और शाम को पुन: पर्दे से ढका जाता है। माचिया जैविक उद्यान में सभी पिंजरों की सुरक्षा में लगे वनकर्मियों को सभी वन्यजीवों को सर्दी से बचाव के लिए विशेष हिदायत दी गई है। वन्यजीवों को ठंडी हवाओं के साथ सर्दीजनित रोगों से बचाने के लिए चिकित्सक की सलाह अनुसार नियमित खुराक में भी बदलाव शुरू कर दिया है।

भालू को शहद, शावकों के लिए हीटर

भालू जोड़े को शहद और पैंथर व एशियाटिक लॉयन जोड़ों को नियमित दी जाने वाली डाइट में आंशिक बढ़ोतरी की गई है। पक्षियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली मल्टी विटामिन सिरप के साथ नियमित खुराक में लहसुन व अदरक भी दिया जा रहा है। लॉयन शावक कैलाश, रियाज, लक्ष्मी तथा पैंथर शावक सोनू के लिए हीटर का इंतजाम किया गया है। एशियाटिक लॉयन आरटी, जीएस, लव व पैंथर व भालू के पिंजरों में शीतलहर प्रकोप कम करने के लिए हीटर का इंतजाम किया जाएगा।


डॉ. श्रवणसिंह राठौड़, वन्यजीव चिकित्सक, माचिया जैविक उद्यान

Published on: