कांकेर

महाराष्ट्र से कांकेर पहुंचा दंतैल हाथी, कई घर तोड़े, धान-महुआ खाया, गांवों में दहशत

CG Elephant: इस दौरान जनपद सदस्य विकास राजू नायक वन विभाग के साथ मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से हाथी को न छेड़ने की अपील की।
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Jul 22, 2025
जंगलों से लगे गांवों में दहशत (Photo source- Patrika)
जंगलों से लगे गांवों में दहशत (Photo source- Patrika)

CG Elephant: कांकेर जिले में बीते एक हफ्ते से दंतैल हाथी ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला रखी है। यह हाथी 15 जुलाई को महाराष्ट्र के जंगलों से होते हुए मोहला-मानपुर जिले के बसेली और चाहपाल के रास्ते लोहत्तर-जाड़ेकूर्से के जंगलों से कांकेर जिले में दाखिल हुआ। इसके बाद वह दुर्गूकोंदल और अंतागढ़ ब्लॉक के जंगलों और गांवों में घूमता रहा है।

सोनादई पहाड़ी पार कर यह मोनेट माइंस दौड़दे, नाहकसा हीमोडा, घूमसीमुंडा, चर्रेमर्रे घाटी, सरंडी, मासबरस, कोकड़े, डांगरा हिंगनपुरी, आमागढ़, बोदेली और पंडगाल तक पहुंच गया। हाथी ने पंडगाल में दो घरों को तोड़कर धान खा लिया। रात करीब 11 बजे सोनादई मोड़ के पास रूद्रप्रताप दुग्गा ने हाथी को देखकर तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने कहा।

CG Elephant: सिलपट में धान की गंध पाकर हाथी ने सुकदेव पिता बुधराम दुग्गा के घर को भी नुकसान पहुंचाया। फिर वह लोहत्तर बस्ती होते हुए पिरचोड़, हेपुरकसा के बाद बसेली के पास देखा गया। इस दौरान जनपद सदस्य विकास राजू नायक वन विभाग के साथ मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से हाथी को न छेड़ने की अपील की। पीड़ितों से मिलकर सांत्वना दी। मुआवजा दिलाने की बात भी कही।

Updated on:
22 Jul 2025 01:10 pm
Published on:
22 Jul 2025 01:09 pm