मुखबिर बताकर ग्राम बारदा में एक ग्रामीण की हत्या माओवादियों ने गला रेत कर दी। घटना के बाद गांव सहित आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
कांकेर. पुलिस मुखबिर बताकर ग्राम बारदा बाजार में एक ग्रामीण की हत्या माओवादियों ने गला रेत कर दी। इस घटना के बाद गांव सहित आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा कि मृतक एक साल पहले करीब पुलिस के समक्ष समर्पण किया था। इस घटना की खबर लगते ही पुलिस घटनास्थल पहुंच कर जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार बारदा निवासी कालू दुग्गा (32) मंगलवार शाम को सामान खरीदने गांव के बाजार गया था। कालू का पीछा करते कुछ संदिग्ध लोगों ने उसे बाजार में दबोच लिया और फिर उसकी जमकर पिटाई की। बाद में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। इस घटना की खबर लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग दहशत में अपनी जान बचाने इधर-उधर भागने लगे। भीड़ का फायदा उठाते माओवादी जंगल की ओर भाग निकले। चर्चाओं में कालू के हत्यारे माओवादी बताए जा रहे हैं। कुछ घंटे बाद गांव के मुखिया ने इसकी सूचना पंखाजुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है।
बताया जा रहा कि मृतक कुछ वर्ष पहले माओवादी संगठन में जुड़कर काम कर रहा था, लेकिन उसे माओवादियों का काम रास नहीं आया तो पुलिस के समक्ष समर्पण कर समाज की मुख्य धारा से जुड़कर अपना जीवन यापन कर रहा था। माओवादियों ने मृतक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या करने की बात कही जा रही है। पुलिस टीम और बीएसएफ के जवानों की सक्रियता से क्षेत्र शांति थी।
आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बेलोदी गांव सगऊ राम सोरी को माओवादियों ने 7 अप्रैल को हत्या कर दी थी। 17 अपै्रल को छिंदभाट के जंगल गंगाराम की और 20 अप्रैल को छिंदपाल में एक और ग्रामीण की माओवादियों ने जन अदालत में हत्या कर दी थी। 26 अप्रैल को दुर्गपूर निवासी सेवाराम हिचामी की लाठी से पीट कर माओवादी मार डाले थे।
दो वारंटी माओवादी को किया गिरफ्तार
सिकसोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम चारगांव के जंगल में दो माओवादी वारंंटी गिरफ्तार का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टी नहीं की है। मिली जानकारी के अनुसार बीएसएफ की टीम माओवादी गश्त के लिए मंगलवार को चारगांव की ओर निकली थी। गश्त के दौरान जंगल में दो वारंटी माओवादी घुमते मिले। टीम ने घेराबंदी का दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।