कांकेर

IED Blast: नारायणपुर-कांकेर बॉर्डर पर IED ब्लास्ट, DRG के 3 जवान घायल, सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

IED Blast: कांकेर जिले की सीमा पर डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के दौरान एक शक्तिशाली IED ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आकर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
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Updated: 2 May 2026, 2:39 PM IST
IED ब्लास्ट (Photo Patrika)
IED ब्लास्ट (Photo Patrika)

IED Blast: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार को नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा पर डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के दौरान एक शक्तिशाली IED ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आकर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल मौके से निकालकर नजदीकी कैंप में उपचार के लिए ले जाया गया है।

IED Blast: सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ हादसा

घटना कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए IED में अचानक विस्फोट हो गया। जानकारी के अनुसार, कांकेर DRG की टीम शनिवार सुबह सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन के लिए जंगल की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान जवान जैसे ही एक संदिग्ध इलाके से गुजर रहे थे, तभी घने जंगलों के बीच जोरदार धमाका हुआ।

तीन जवान इसकी चपेट में आ गए

ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल उठा और टीम के तीन जवान इसकी चपेट में आ गए। साथी जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल कैंप तक पहुंचाया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, ऐसे में जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया जा सकता है।

इलाकों में गहन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा

इस घटना की पुष्टि कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने की है। उन्होंने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन और जांच तेज कर दी गई है। सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने इलाके में और भी IED प्लांट कर रखे हो सकते हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके के लिए रवाना किया गया है और आसपास के इलाकों में गहन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में इस तरह की घटनाएं लगातार सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की नजर स्थिति पर बनी हुई है। घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के पीछे शामिल नक्सलियों की तलाश में जुट गई हैं।

Updated on:
2 May 2026, 2:39 PM IST
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