कांकेर

Leopard Attack: 6 साल के बच्चे के गले को पकड़कर ले जा रहा था तेंदुआ, बुआ ने जान की बाजी लगाकर मासूम को बचाया…

Leopard Attack: बच्चा अपने घर की बाड़ी में खेल रहा था, बच्चे के लापता होने पर परिजनों ने खोजबीन करने पर घर के आस-पास तेंदुए के पंजे के निशान मिले।
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May 18, 2025
Leopard Attack: 6 साल के बच्चे के गले को पकड़कर ले जा रहा था तेंदुआ, बुआ ने जान की बाजी लगाकर मासूम को बचाया...

Leopard Attack: दुधावा जिले के सरोना वन परिक्षेत्र के दुधावा में बालक विराट नेताम 6 वर्ष अपनी मां के साथ करीब शाम 7.30 बजे शादी घर टिकावन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। तभी पीछे से तेन्दुआ ने बालक विराट नेताम पर हमला कर दिया। इस दौरान उसकी मां और आसपास अन्य लोगों ने शोर मचाया तो तेन्दुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। विराट के पीठ, कमर पर चोट आई है।

Leopard Attack: पहाड़ी पर बच्चे का सिर बरामद

घटना के बाद परिजन घायल बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल कांकेर ले गए। जहां उसकी हालत ठीक बताई जा रही है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर इलाके में सर्च अभियान चलाया है। गांव के चारों तरफ जंगल होने के कारण वन विभाग द्वारा जगह-जगह ट्रेफ कैमरा लगाए जा रहे हैं ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा सके। विभाग द्वारा शाम को मॉनिटरिंग भी किया जाएगा।

इससे पहले अगस्त 2024 में धमतरी-कांकेर जिला बॉर्डर पर कोड़मुड़ गांव में तेंदुए ने 3 वर्ष के तिरेश मरकाम को शिकार बनाया था। बच्चा अपने घर की बाड़ी में खेल रहा था, बच्चे के लापता होने पर परिजनों ने खोजबीन करने पर घर के आस-पास तेंदुए के पंजे के निशान मिले। पुलिस और वन विभाग ने दुधावा की पहाड़ी पर बच्चे का सिर बरामद किया।

रेस्क्यू ऑपरेशन

Leopard Attack: आदमखोर तेंदुए के हमले की दूसरी घटना वर्ष 2024 में 25 सितंबर को हुई, जब तेंदुए ने दुधावा के नयापारा में बुआ के साथ आंगनबाड़ी जा रही एक बच्ची पर जानलेवा घात लगाकर हमला किया और मासूम को उठाकर ले जाने लगा तो बुआ ने जान की बाजी लगाकर तेंदुए से भिड़ गई और मासूम की जान बच गई। दुधावा में एक बालक पर तेंदुआ ने हमला कर दिया। बालक नीरज ध्रुव खेल रहा था इसी दौरान अचानक तेंदुआ आ पहुंचा और हमला कर दिया।

आस-पास के लोगों की नजर पड़ते ही तेंदुआ बालक को छोड़ कर भाग निकला। तेंदुआ के लगातार हमले से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। बीएस सूर्यवंशी रेंजर सरोना वन परिक्षेत्र ने कहा कि वन विभाग अधिकारी डीएफओ, एसडीएफओ ने इलाके का मुआयना कर गांव चारों तरफ से जंगल से घिरे होने के कारण जगह-जगह ट्रेफ कैमरा लगाया ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा सके। शाम को मॉनिटरिंग करने की बात कही है।

Published on:
18 May 2025 12:44 pm