
CG Leopard Attack: किसान सुरेश मरकाम के घर में तेंदुआ पिछले दो दिनों से लगातार घुस कर मुर्गों को खा लिया। कच्ची दिवार का बाड़ा टूटा मिला। आस पास जब गांव वालों द्वारा देखा गया तो बड़े पंजो के निशान पाए गए। इससे पहले रमेश नगेश के घर पर बकरी को खा गया था।
पंजो के निशान में तेंदुआ का होना पाया गया जिससे गांव के लोग डरे सहमे हुए है। क्योंकि गांव के अंदर घुसकर शिकार कर रहा है। इस प्रकार की घटना गांव के आश्रित ग्रामों में भी पाया गया है पर शिकायत नहीं किया गया। मुर्गे का शिकार किया था पर जमीन गीला होने से पंजे का निशान देखने को मिला।
समाज सेवी संदीप द्विवेदी ने ग्रामीणों के साथ पंजो का निशान का फोटो लेकर वन विभाग के कर्मचारियों को भेजा है जहाँ तेंदुआ के पंजों के निशान की पुष्टि की गई। विभाग ने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बाँधने का निर्देश भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को दे रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही कोरमुड़ में तेंदुआ द्वारा बच्चों पर हमला हुआ है। लोगों में डर है कहीं वही तो नहीं आ गया या उसके जैसा कोई हमला यहां ना हो। इससे भय का महौल क्षेत्र में निर्मित हो गया है। गांव में तेंदुआ के आने से दहशत का माहौल है। क्षेत्र में जंगली जानवर कई बार ग्रामीणों पर अटैक कर चुका है।
गांव में शाम होते ही तेंदुआ के डर से लोग घर से बहार नहीं निकल रहे है। छोटे बच्चों को खेलने बहार नहीं भेज रहे हैं। घर पर पालतु पशु गाय भैंस बकरी आदि को सुरक्षित स्थान पर बांध रहे है। बता दें कि गांव में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम होते ही गली में अधेरा छा जाता है जिसके कारण हमेशा खतरा बना रहता है।
वहीं ग्राम दुधावा के आश्रित ग्राम नयापारा दुधावा में दिनदहाड़े आंगनबाड़ी जा रही बच्ची पर हमला कर घायल कर दिया। बुआ के सामने इस तरह की घटना में हिमत दिखाई और पानी के बाटल को हथियार बनाकर तेंदुआ को दे मारी। तेंदुआ बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भागा। नया पारा दुधावा की ढाई वर्ष कि बच्ची उमंग मंडावी हर दिन की तरह बुआ पार्वती मंडावी के साथ पढ़ने के लिए आंगनबाड़ी छोड़ने 9 बजे जा रही थी।
घर जंगल किनारे होने के कारण खेत के रास्ते जा रहे थे तभी पलक झपकते तेंदुआ ने बच्ची को दबोच लिया और जंगल की ओर ले जाने वाले था। घटना को बुआ ने हिमत दिखाते हुए पानी के बाटल को तेंदुआ को मारी और जोर जोर से आवाज लगाई। तेंदुएं बच्ची को छोड़कर जंगल को ओर भागा। बच्ची के गले में कई जगह जाम हैं।
CG Leopard Attack: बच्ची को वन विभाग के सहयोग से इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सारवंडी लेकर पहुंचे, बुखार नहीं उतर रहा था। कांकेर मातृ एवं शिशु अस्पताल अलबेला पारा मे भर्ती कराया गया। 4 अगस्त को ग्राम दुधावा से लगे धमतरी जिले के ग्राम कोड़ मुड़ में 3 वर्ष बच्चे को आदमखोर तेंदुए ने शिकार बना डाला तेंदुए पशुओं को भी हमला कर शिकार बना रहा है।
Updated on:
27 Sept 2024 02:26 pm
Published on:
27 Sept 2024 02:26 pm
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