फलोदी सट्टा बाजार लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर चर्चा में है। कन्नौज संसदीय सीट के लिए हुए मतदान में 61% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। अखिलेश यादव के आने से कन्नौज सीट और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
फलोदी सट्टा बाजार की चर्चा इस बार जोरों पर है। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणी लोगों के बीच अपनी जगह बना ली है। जिसकी देखा देखी स्थानीय स्तर पर भी सट्टा का बाजार सज गया है। कन्नौज का सट्टा बाजार भी हलचल में है। सपा से अखिलेश यादव के आने के बाद यह सीट और भी खास हो गई। जिनके खिलाफ बीजेपी के मौजूदा सांसद सुब्रत पाठक चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव की जीत पक्की मान रहे हैं। चौथे चरण में हुए मतदान में 61% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में 60.86 से प्रतिशत मतदान हुआ था।
कन्नौज संसदीय सीट से अखिलेश यादव ने आखिरी वक्त पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसके बाद यहां का मुकाबला भी दिलचस्प हो गया। 2000 के उपचुनाव में अखिलेश यादव ने जीत हासिल की थी। जिन्होंने बसपा के अकबर अहमद डंपी को हराया था। 2004 के आम चुनाव में अखिलेश यादव ने बसपा के ठाकुर राजेश सिंह को हराया था। 2009 में एक बार फिर बसपा प्रत्याशी को हराकर लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। 2012 में हुए उपचुनाव में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने निर्विरोध जीत हासिल की।
डिंपल यादव हुई थी निर्विरोध निर्वाचित
2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव ने बीजेपी के सुब्रत पाठक को करीब 20 हजार मतों से हराया। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सुब्रत पाठक ने डिंपल यादव को करीब 13 हजार मतों से हराया। लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी के मौजूदा सांसद सुब्रत पाठक के सामने अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर किसकी जीत होगी? इस पर स्पष्ट बोलने को कोई तैयार नहीं है। लेकिन लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव प्रदेश स्तर के नेता है उनकी स्थिति मजबूत है। अब 4 जून का इंतजार है।