Uttar Pradesh Crime: थानेदार के कहने पर 'अखिलेश के दरबार' पत्नी के साथ शख्स पहुंचा। जहां उससे उठक-बैठक करवाई गई। जानिए क्या है पूरा मामला?
Mukti Morcha Against Akhilesh Dubey: जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ लड़ने वाले लोगों ने मुक्ति मोर्चा बनाया है। दुबे के खिलाफ सारे पीड़ित एकजुट होकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
इसी के चलते सिविल लाइंस स्थित एक होटल में गुरुवार को 27 पीड़ित इकट्ठा हुए। इस दौरान सभी ने साथ मिलकर लड़ाई का संकल्प लिया। BJP नेता रवि सतीजा के मुताबिक, सभी पीड़ितों ने मिलकर चर्चित वकील से लड़ने के लिए 'अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा' बनाया है।
मामले को लेकर पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र का कहना है कि जिसके खिलाफ लड़ाई है वह बेहद शातिर और चालाक है। जिला ही नहीं प्रदेश की ताकतें भी उसकी मदद में लगी हैं। अगर मिलकर लड़ाई नहीं लड़ी गई तो जीत मिलना मुश्किल है। बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अविनाश चंद्र बाजपेयी का कहना है कि लोगों को डरा धमकाकर अब तक अखिलेश दुबे राज करता आया है। लोगों में उसके डर और दहशत को खत्म करने के लिए सभी एकजुट हुए हैं।
साकेत नगर में रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने अपना दर्द सुनाते हुए कहा कि उसने किदवई नगर थाने में अखिलेश के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा गंभीर धाराओं में दर्ज करा दिया गया। इस दौरान थानेदार ने शिकायकर्ता से 'अखिलेश के दरबार' में पत्नी के साथ जाने को कहा। जब शिकायतकर्ता पत्नी के साथ पहुंचा तो उसके साथ गाली गलौज की गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि उससे कहा गया, ''तेरा दिमाग खराब हैं। तुझे परेशानी बहुत होती है।मेरा 10 लाख रुपये का नुकसान तेरी वजह से हो गया है। पैसा दे दे नहीं तो जेल भिजवा दूंगा।''
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे माफी मांगने पर भी नहीं छोड़ा गया। कान पकड़कर उठक बैठक तक कराई गई। वहीं रवि सतीजा का कहना है कि बर्रा थाने में उस्मानपुर डेरे की लड़कियों को आगे करके फर्जी रेप केस उनके खिलाफ दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान सच सामने आ गया। इसी आधार पर उन्होंने अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा समेत 7 लोगों पर फर्जी रेप केस में फंसाने और 50 लाख की रंगदारी की रिपोर्ट बर्रा थाने में करवाई थी।