
Atiq Ahmed Mukhtar Ansari: AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर कानपुर से बीजेपी विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बड़ा पलटवार किया है। बीजेपी विधायक ने एक तरफ जहां ओवैसी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं से बड़ा मुस्लिम नेता माना है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपराधियों के नाम पर राजनीति न करने की सख्त नसीहत भी दे डाली है।
सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि आज ओवैसी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के उन नेताओं से कहीं बड़े मुस्लिम नेता हैं जो सिर्फ वोटों के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग ओवैसी के साथ है, लेकिन बड़े नेता होने के नाते उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। ओवैसी को डर का माहौल बनाने वाले अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों के उदाहरण देकर पूरे मुस्लिम समाज को उनके साथ नहीं जोड़ना चाहिए। ऐसा करना खुद मुस्लिम समुदाय के साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा।
बीजेपी विधायक ने ओवैसी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या ओवैसी साहब कभी ये बता पाएंगे कि आज मस्जिदों में जकात (दान) के पैसों की जो चोरी हो रही है, उस पर वे चुप क्यों हैं? देश की बड़ी दरगाहों जैसे अजमेर शरीफ, हाजी अली, बहराइच, बरेली और निजामुद्दीन औलिया के दरबार में आज पैसों और चढ़ावे को लेकर दो-तीन गुट बने हुए हैं और आपस में झगड़े हो रहे हैं, लेकिन ओवैसी इस पर कुछ नहीं बोलते।
मैथानी ने आगे कहा कि आज मुस्लिम बच्चों को पढ़ाने वाले मदरसों में भी पैसों के लिए जंग छिड़ी हुई है। जकात का जो बहुत बड़ा पैसा गरीब और समाज के भले के लिए इस्तेमाल होना चाहिए, उसकी चोरी हो रही है। ओवैसी को सबसे बड़ा मुस्लिम नेता होने के नाते इस चोरी को रोकने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि वह पैसा समाज के काम आ सके।
ओवैसी और उनके भाई के पुराने 15 मिनट वाले बयान को याद दिलाते हुए सुरेंद्र मैथानी ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश है, हैदराबाद नहीं है। जहां आपके भाई कहते थे कि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो। अरे भाई, जरा 15 मिनट के लिए उत्तर प्रदेश में आकर तो दिखा दो, आपको समझ में आ जाएगा कि यहां 'जीरो टॉलरेंस' पर चलने वाली योगी आदित्यनाथ जी की सरकार कैसे काम करती है। यहां गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है।