कानपुर

कानपुर में अंग्रेजों के जमाने का पुल रामगंगा नहर में गिरा, बड़ा हादसा टला

Bridge Collapses in Kanpur: कानपुर के साढू-कुडनी मार्ग पर बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल गिर गया है। गनीमत रही कि पुल हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
2 min read
May 31, 2026
bridge collapses in Kanpur
कानपुर में अंग्रेजों के जमाने का पुल गिर गया (फोटो- वीडियो ग्रैब)

Kanpur Bridge Accident: कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। साढू-कुडनी मार्ग पर बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुराना पुल अचानक टूटकर नहर में गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पुल पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था।

जर्जर हालत में था पुल, वर्षों से नहीं हुई मरम्मत

ग्रामीणों के मुताबिक, यह पुल कई दशक पुराना था और लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा था। पुल की रेलिंग काफी पहले ही टूट चुकी थी और जगह-जगह दरारें भी दिखाई देने लगी थीं। इसके बावजूद इस पुल से लगातार लोगों का आवागमन जारी था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को पुल की खराब स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार तड़के अचानक पुल की बीच की कोठियां भरभराकर नहर में गिर गईं, जिससे पूरा पुल क्षतिग्रस्त हो गया।

नए पुल के निर्माण में लापरवाही बनी हादसे की वजह

पुराने पुल के ठीक बगल में नया पुल बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और जल निकासी का सही ध्यान नहीं रखा गया। नए पुल की किनारे वाली कोठियों से लोहे का पाड़ नहीं हटाया गया था, जिससे वहां कूड़ा और गाद जमा होती रही। सिर्फ बीच वाली कोठी से पानी निकलने के कारण निकास संकरा हो गया था और पानी का बहाव तेजी से बढ़ने लगा।

बीते कुछ दिनों से रामगंगा नहर में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया था, जिसके चलते बहाव और अधिक तेज हो गया। लगातार बढ़ते दबाव के कारण पुराने पुल की नींव कमजोर पड़ गई और रविवार सुबह उसका मध्य हिस्सा टूटकर नहर में समा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और मरम्मत कराई जाती तो यह हादसा टल सकता था।

निरीक्षण के बावजूद नहीं जागा विभाग

ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को ही सीडीओ अभिनव जे जैन और नहर विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। इसके बावजूद पुल की खतरनाक स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का यह भी कहना है कि करीब 20 दिन पहले इसी स्थान पर नहर फटने की घटना भी हुई थी, लेकिन विभाग ने स्थायी समाधान नहीं निकाला। पुल गिरने के बाद क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। वही

Updated on:
31 May 2026 04:30 pm
Published on:
31 May 2026 04:30 pm