
इंजीनियर चंदन गुप्ता की पत्नी स्नेहा (X Photo Sachin Gupta)
Kanpur News: मॉस्को में पुलिस की कार्रवाई के बाद कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता पत्नी स्नेहा और छह साल के बेटे के साथ घर लौट आए। चंदन का आरोप है कि रूसी पुलिस ने उन्हें और उनके सहकर्मी को गिरफ्तार कर करीब 48 घंटे तक कस्टडी में रखा। उन पर एम्बुलेंस में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया था। चंदन का कहना है कि पुलिस ने जबरन दस्तखत कराए और विरोध करने पर कई मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। पत्नी स्नेहा ने पहले वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी थी।
चंदन के मुताबिक, वह कीव्स स्काई स्थित होटल में खाना खाने के बाद मेट्रो से क्रैमलिन पहुंचे थे। इसके बाद हैंगिंग ब्रिज और रेड स्क्वायर होते हुए कितईगार्ड मेट्रो स्टेशन की ओर जा रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें और आशीष को पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों के हाथ आपस में बांध दिए और कार में बैठाकर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर घुमाते रहे। इसके बाद उन्हें बॉन्सकायर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां उन पर एम्बुलेंस में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने उनके मोबाइल और दस्तावेज भी जब्त कर लिए।
चंदन ने बताया कि उनकी जेब में एक दूसरा फोन बच गया था। उसी फोन से उन्होंने कंपनी और अपने सहकर्मी को लोकेशन भेजी। बाद में पुलिस ने कैमरे में फोन देख लिया और उसे भी छीन लिया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब चार बजे पुलिस एक किशोर को थाने लेकर आई थी। चंदन ने इशारे से उससे फोन मांगा। इसके बाद आशीष को कैमरे के सामने खड़ा किया गया और इसी दौरान पत्नी स्नेहा को कॉल कर घटना की जानकारी दी गई।
चंदन ने कहा कि जिस एम्बुलेंस में तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया, वहां आसपास हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगे थे। उनका सवाल है कि अगर घटना हुई थी तो पुलिस ने अदालत में उसकी कोई फुटेज क्यों नहीं दिखाई। चंदन और स्नेहा के मुताबिक, कंपनी ने उनकी काफी मदद की और वकील व दुभाषिए की व्यवस्था कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए और ऐसा नहीं करने पर 5-6 मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
चंदन ने बताया कि कोर्ट में जज ने कागज देखकर उनसे पूछा कि क्या उन्हें पता है कि उसमें क्या लिखा है। चंदन ने कहा कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती और पुलिस ने जबरन हस्ताक्षर करवाए हैं। इसके बाद जज ने पुलिस को फटकार लगाई और चंदन को छोड़ने का आदेश दिया। स्नेहा ने कहा कि पुलिस ने एक प्रोटोकॉल पर भी धमकी देकर हस्ताक्षर कराए। उसमें लिखा था कि वह जानते हैं कि उन्होंने उल्लंघन किया है और दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। सोमवार को पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया।
रिहाई के बाद चंदन और स्नेहा ने बुधवार रात करीब नौ बजे मॉस्को से दिल्ली की फ्लाइट ली और दोनों कानपुर पहुंचे। चंदन ने कहा कि अब वह दोबारा रूस नहीं जाएंगे। स्नेहा ने इस पूरे मामले को लेकर इंस्टाग्राम पर वीडियो भी पोस्ट किया था। उनका कहना है कि वीडियो हटाने के लिए उन पर दबाव बनाया गया।
Updated on:
11 Sept 2026 12:40 pm
Published on:
11 Sept 2026 12:38 pm
