
कानपुर दवा व्यापारी की बहू (photo- x @PayallSingh13)
Kanpur Vineet Minocha Case:कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे घर के अंदर रची गई साजिश की नई परतें सामने आ रही हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि हत्या की तैयारी अचानक नहीं हुई थी, बल्कि करीब पांच महीने से इसकी प्लानिंग चल रही थी। इस पूरी कहानी में सबसे अहम कड़ी बनी बहू शालू और पुराने कर्मचारी विशाल गौतम के बीच हुई लंबी बातचीत।
डीसीपी (वेस्ट) कासिम आबिदी के मुताबिक, 1 मई से वारदात वाले दिन तक शालू और सुपारी किलर के बीच कुल 309 बार कॉल हुईं। इनमें WhatsApp कॉल भी शामिल हैं। इसके अलावा दोनों के फोन में 49 WhatsApp चैट डिलीट मिली हैं। पुलिस का अनुमान है कि इन्हीं बातचीत और मैसेज के जरिए हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया होगा। हालांकि डिलीट चैट की पूरी सामग्री सामने आना अभी बाकी है।
कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या शनिवार देर रात हुई थी। उस वक्त वह फ्लैट में अकेले थे। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 9:36 बजे शालू अपने पति सुब्रत और बेटे के साथ घर से बाहर निकलीं। इसके करीब आठ मिनट बाद यानी 9:44 बजे विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल हुए। दोनों सीधे शालू के कमरे में पहुंचे और कारोबारी के लौटने का इंतजार करने लगे। आरोपियों ने कमरे की लाइट बंद रखी और दरवाजा थोड़ा खुला छोड़कर बाहर की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों करीब 74 मिनट तक विनीत के घर लौटने का इंतजार करते रहे। उन्हें आशंका थी कि अगर दरवाजा पूरी तरह बंद हो गया तो वे खुद अंदर फंस सकते हैं, इसलिए हैंडल पकड़कर खड़े रहने की बात भी सामने आई है। विनीत जब घर लौटे तो उन्होंने कपड़े बदले और खाना खाया। इसके बाद उन्होंने मिठाई खाई और पानी पिया। इसी दौरान उनकी नजर शालू के कमरे के हल्के खुले दरवाजे पर पड़ी। उन्हें कमरे के अंदर कुछ होने का शक हुआ। वह वहां पहुंचे और लाइट जला दी। पुलिस के मुताबिक, कमरे में दोनों युवकों को देखकर उन्होंने पूछा कि वे वहां क्या कर रहे हैं। इसी दौरान विशाल ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। कारोबारी के गिरने के बाद दोनों वहां से निकल गए और अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए एक नहीं बल्कि कई तरीके पर विचार किया गया था। शुरुआती योजना में कारोबारी को सड़क पर वाहन से टक्कर मारकर हत्या करने की बात थी, लेकिन विशाल ने इसमें अपनी जान और पकड़े जाने का खतरा बताते हुए इनकार कर दिया। इसके बाद घर के अंदर हत्या को सामान्य मौत दिखाने की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार, तकिए से मुंह दबाकर हत्या करने के बाद इसे हार्ट अटैक जैसा दिखाने का विचार था। लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं और आखिरकार चाकू से हमला किया गया।
पुलिस की जांच के अनुसार, हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी। विशाल पहले विनीत के घर में काम कर चुका था। पुलिस का कहना है कि शालू ने उसे रकम के अलावा दोबारा नौकरी पर रखने और अच्छा वेतन देने का भरोसा भी दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि शालू और विनीत के बीच पैसों और घर के खर्च को लेकर विवाद रहता था। पुलिस इसी विवाद को हत्या की साजिश के पीछे बताए जा रहे कारणों में से एक मान रही है। हालांकि मामले में सामने आए आरोपों और बयानों की पुलिस जांच अभी जारी है।
शुरुआत में घर में कारोबारी का शव मिलने के बाद मामला रहस्यमय था। लेकिन CCTV फुटेज, आरोपियों की गतिविधियों, डुप्लीकेट चाबी और कॉल डिटेल ने जांच की दिशा बदल दी। इसके बाद पुराने कर्मचारी विशाल और उसके साथी राजकिशोर तक पुलिस पहुंची। अब जांच का अहम हिस्सा 309 कॉल और 49 डिलीट WhatsApp चैट हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन बातचीत में हत्या की योजना कब बनी, किस तरह बदली और वारदात से पहले आखिरी निर्देश क्या दिए गए थे।
Updated on:
9 Sep 2026, 3:04 PM IST
Published on:
9 Sep 2026, 3:03 PM IST
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