JNU छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया के खिलाफ परिवाद दायर

बता दें कि इससे पहले भी कन्हैया व सांसद डी. राजा समेत कई लोगों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है।
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Mar 10, 2016
Kanhaiya
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कानपुर. जेएनयू में देशद्रोही नारे लगाने के आरोपी जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में एक और परिवाद दाखिल किया गया है। इस बार विवादित बयान देने वाली प्रो. निवेदिता मेनन व भाषण सुनने वाले दूसरे छात्र-छात्राओं को भी पक्षकार बनाया गया है। बता दें कि इससे पहले भी कन्हैया व सांसद डी. राजा समेत कई लोगों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है।

सिविल कोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ता हर्ष कुमार ने गुरुवार को न्यायालय में एक प्रार्थनापत्र दिया। आरोप लगाया कि उन्होंने यू ट्यूब डॉट कॉम और जी न्यूज डॉट कॉम पर वीडियो क्लिपिंग देखी और सुनी। क्लिपिंग में जेएनयू की प्रो. निवेदिता मेनन छात्रों को एकत्रित करके भारत के खिलाफ गलत भाषण दे रही हैं। साथ ही भारत व कश्मीर के खिलाफ जेएनयू के छात्रों को भारत में विद्रोह करने के लिए भड़का रही हैं। अपने भाषण में प्रोफेसर ने भारतीय सेना को क्रूरतम सेना, कश्मीर पर गैरकानूनी कब्जा, पूर्वोत्तर और छत्तीसगढ़ पर अत्याचार करने जैसी देश विरोधी बातें कहीं और छात्रों को मानसिक रूप से भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए प्रेरित किया।

प्रार्थना पत्र में सुरक्षा बलों पर महिलाओं से दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर उन्होंने सैनिकों की देशभक्ति पर कुठाराघात किया है, जिससे सैनिक व उनके परिवार उत्तेजित और दुखी हैं। मामले में अधिवक्ता विजय बख्शी के मुताबिक, उन्होंने इन आधार पर कन्हैया, प्रोफेसर और भाषण सुनने वाले छात्र-छात्राओं को तलब कर दंडित करने की मांग कोर्ट से की है। मामले पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
Published on:
10 Mar 2016 10:13 pm