
कानपुर : कानपुर में बुधवार की रात 4 दोस्तों के लिए काल बनकर आई। छह दोस्तों ने मिलकर पार्टी की। पार्टी करने के लिए एक फैक्ट्री की साइट चुनी, जहां सभी दोस्त पहुंचे, चिकन बना, शराब पी गई फिर सभी सोने चले गए। 4 दोस्त एक कमरे में सोए और दो अलग दूसरे कमरे में सोने चले गए। सुबह जब नागेंद्र उन 4 दोस्तों को जगाने के लिए पहुंचा तो उसने दरवाजा खटखटाया। लेकिन, अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। दरवाजा तोड़कर जब कमरे के अंदर दाखिल हुए तो देखा चारों दोस्त कमरे में बिस्तर पर चादर ओढ़कर लेटे हुए हैं। दोस्तों ने चादर हटाई तो कोई हलचल ही न हुई। हाथ लगाकर देखा तो चारों दोस्त मृत मिले।
पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में एक ऑयल रिफाइनरी फैक्ट्री के कमरे में चार दोस्तों की जिंदगी कार्बन मोनोऑक्साइड ने लील ली। मरने वालों में राहुल सिंह (26), अमित बर्नवाल (28), संजू सिंह (26) और दाऊद अंसारी (28) शामिल हैं। चारों देवरिया जिले के तवक्कलपुर गांव के रहने वाले थे। चारों दोस्तों ने पहले चिकन बनाया फिर शराब पी। तवकलपुर गांव निवासी नागेंद्र ने बताया कि रात 12 बजे के आसपास अमित और राहुल को बहुत ठंड लग रही थी। वे दोनों बॉयलर के पास से कोयला लेने चले गए और कोयला ले आए। इसके बाद दोनों ने रूम में अंगीठी में कोयला जला लिया और पार्टी करने लगे। इसके बाद चार दोस्त उसी कमरे में सो गए और दो कुछ दूर पर बने कमरे में सोने चले गए।
फैक्ट्री में साथ काम करने वाले प्रवीण बर्नवाल ने बताया कि अमित मेरा मौसेरा भाई था। मुझे और अमित को शुक्रवार को जिम्बाब्वे जाना था। रात 9.30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से हमारी फ्लाइट थी। हम दोनों 6 महीने वहां रहने वाले थे, जबकि राहुल को दुबई जाना था। इसलिए दाऊद, राहुल, नागेंद्र और संजू के कहने पर हमने फैक्ट्री में पार्टी रखी थी। पार्टी में चिकन बना। क्या पता था कि यह हमारी आखिरी पार्टी होगी? हम कभी नहीं मिल पाएंगे।
कुशीनगर के हाटा के रहने वाले प्रवीण ने बताया कि हम लोग तकरीबन एक साल से रिफाइनरी फैक्ट्री में काम कर रहे थे। हम दोनों केन्या, साउथ अफ्रीका, कनाडा जैसे कई देशों में रिफाइनरी फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। मैं दीपावली पर अपने घर गया था।
बुधवार को ही मैं कानपुर आया था। जिम्बाब्वे जाना था। इसलिए सभी दोस्तों ने पार्टी मांगी थी। दाऊद ने हमसे कहा था कि अब तुम और अमित 6 महीने बाद मिलोगे। पार्टी नहीं दोगे क्या? हमने पार्टी देने की हामी भर दी। रात 10 बजे अमित, संजू सिंह, राहुल सिंह, दाऊद, अमित का भाई अरुण और नागेंद्र काम से लौटे, जिसके बाद हमने चिकन बनाया। रात करीब 12 बजे तक पार्टी करके हम अपने कमरे में सोने चले गए। अमित की शादी हो चुकी है। 8 फरवरी 2026 को उसकी शादी की 6 साल पूरे होने वाले थे।
दाउद घर का इकलौता कमाने वाला था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही पत्नी शकीना खातून का रो-रोकर बुरा हाल था। तीन साल पहले ही उसका निकाह हुआ था। उसकी दो वर्ष की बेटी आयत है। छोटा भाई अनिस अंसारी है। दाउद की पत्नी रोते हुए कह रही थी, अब हमारा क्या होगा? आयत को कौन संभालेगा?” गांव की महिलाएं शकीना को संभालने की कोशिश करती रहीं, पर वह खुद को काबू नहीं कर पा रही थीं।
संजू सिंह के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। वह घर के हालातों की वजह से कमाने के लिए कानपुर आया था। संजू की अभी शादी नहीं हुई थी। संजू का छोटा भाई सूरज है। वह कह रहा था, 'भइया ने कहा था इस बार नए कपड़े लेकर आएगा।'
राहुल सिंह दुबई जाने की तैयारी में था। उसने पासपोर्ट बनवाया था। कानपुर से उसे गुरुवार को गांव जाना था। दुबई के लिए उसका वीजा आ गया था। राहुल अपने घर का इकलौता बेटा था। राहुल की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।