
कानपुर. कानपुर (Kanpur) मुठभेड़ मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। कांग्रेस (Congress), समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) व बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने भाजपा (BJP) सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगा रही है। इसी बीच एक पुराना पोस्टर वायरल हआ है, जिसमें कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का समाजवादी पार्टी कनेक्शन मिल रहा है। पोस्टर में विकास की पत्नी जिला पंचायत चुनाव में प्रत्याशी के रूप में दिख रही हैं। विकास दुबे तो पोस्टर में हैं ही। साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) भी पोस्टर में नजर रहे हैं।
कानून मंत्री ने दिया अखिलेश को जवाब-
आठ पुलिस जवानों के शहीद होने पर कुछ ही समय पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भाजपा पर हमलावर दिख रहे थे। उन्होंने कहा कि उप्र के आपराधिक जगत की इस सबसे शर्मनाक घटना में ‘सत्ताधारियों और अपराधियों ‘की मिलीभगत का ख़ामियाज़ा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ा है। अपराधियों को जिंदा पकड़कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए।
अब इस पोस्टर के सामने आ जाने के बाद उन्हीं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यूपी के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने मामले पर कहा कि जो आपराधियों को राजनितिक संरक्षण देने की बात कर रहे थे, वह खुद ही इसमें शामिल दिख रहे हैं। कनेक्शन उन्हीं का निकलेगा। उन्होंने कहा कि सपा के डीएनए में ही अपराध है। लेकिन इस बार अपराधी का कोई भी कनेक्शन क्यों न हो, वह बच नहीं पाएगा।
सुनील यादव ने दिया यह बयान-
वहीं समाजवादी प्रवक्ता सुनील यादव ने बचाव में कहा है कि यह पोस्टर वर्षों पुराना है। अगर विकास दुबे का राजनीतिक कनेक्शन ढूंढना है तो ठीक से उनकी फाइल खोली जाए, पता चल जाएगा कि कौन सी पार्टी का उसे संरक्षण प्राप्त था। वह आगे कहते हैं कि यूपी में सपा की सरकार में कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी मुठभेड़ में हमारे इतने पुलिस जवान शहीद हुए हों। यह केवल भाजपा की योगी सरकार में हुआ है।