IPL Betting Racket: कानपुर में आईपीएल सट्टेबाजी के बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने लोहा कारोबारी समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्कॉर्पियो में चल रहे इस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से नकदी, मोबाइल, लैपटॉप और करोड़ों के लेनदेन का रिकॉर्ड बरामद हुआ है।
Online Gambling Syndicate:कानपुर में आईपीएल सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए फजलगंज पुलिस ने लोहा व्यवसायी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात दादानगर कंटेनर यार्ड के पास की गई, जहां एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन में बैठे आरोपी मोबाइल और लैपटॉप के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस को मौके से करीब एक लाख रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और लेनदेन से जुड़ा रजिस्टर भी बरामद हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी दर्ज है।
एडीसीपी सेंट्रल अर्चना सिंह के अनुसार पुलिस को गश्त के दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी। वाहन का नंबर मेरठ का था और अंदर बैठे युवक लगातार मोबाइल व लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे थे। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि ये सभी आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिला रहे थे। आरोपी चलती-फिरती गाड़ी को ही अपना ऑपरेशन सेंटर बनाकर विभिन्न शहरों में सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों में आजादनगर निवासी लोहा व्यवसायी अभिषेक जैन, मेरठ के सौरभ गुप्ता, कैंट चाणक्यपुरी के अभिषेक मित्तल, रुड़की रोड लालकुर्ती के शुभम विजय और सदर दालमंडी के अनन्य वत्स शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सक्रिय था और लगातार स्थान बदलकर सट्टा संचालित करता था।
पुलिस के मुताबिक अभिषेक जैन और सौरभ गुप्ता आपस में जीजा-साले हैं, जिससे इस नेटवर्क की नींव पारिवारिक रिश्तों पर भी टिकी हुई थी। अन्य चार आरोपी भी आपस में परिचित थे और सभी रविवार को ही कानपुर पहुंचे थे। यहां पहुंचकर उन्होंने स्कॉर्पियो को ही मोबाइल सट्टा सेंटर में बदल दिया और आईपीएल मैचों पर दांव लगवाना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सौरभ गुप्ता है, जो पेशे से मेडिकल स्टोर संचालक है। वहीं अभिषेक मित्तल टायर-ट्यूब का कारोबार करता है और उसने एमबीए की पढ़ाई की है। अन्य आरोपी शुभम और विजय डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े हैं, जबकि अनन्य वत्स बीबीए का छात्र है। शिक्षित और तकनीकी जानकारी रखने वाले इन युवकों ने मिलकर सट्टेबाजी का संगठित नेटवर्क तैयार किया था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और बीएनएसएस की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बरामद रजिस्टर और डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और करोड़ों रुपये के लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।