कानपुर

‘मैं चिल्लाती रही पर कोई नहीं आया’,ITBP जवान की मां का दर्दभरा बयान, जांच में हुआ खुलासा

ITBP family incident:कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां निर्मला देवी के इलाज के दौरान कथित लापरवाही से हाथ कटने के मामले में रेलबाजार पुलिस जांच कर रही है। पीड़िता ने दर्द और अनसुनी शिकायतों की बात कही, जबकि अस्पताल की भूमिका की जांच जारी है।
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May 29, 2026
ITBP mother case investigation
आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपनी मां निर्मला देवी के साथ -सोर्स- वीडियो ग्रैब

ITBP Jawan Mother Case:कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां निर्मला देवी के हाथ कटने के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है और पूरे प्रकरण की जांच रेलबाजार पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इलाज के दौरान आखिर किन परिस्थितियों में ऐसी स्थिति बनी जिससे मरीज का हाथ काटना पड़ा। परिजनों के आरोपों और बयान को आधार बनाकर पुलिस अब अस्पताल की भूमिका, मेडिकल स्टाफ की कार्रवाई और समय पर इलाज की प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर रही है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है और सभी मेडिकल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

पीड़िता का दर्दभरा बयान: “मैं चिल्लाती रही, कोई नहीं आया”

पीड़िता निर्मला देवी ने पुलिस को दिए बयान में अस्पताल के अंदर हुई पूरी घटना का दर्दनाक विवरण दिया है। उनके अनुसार, इलाज के दौरान उन्हें शुरुआत में वीगो लगाया गया और बाद में आईसीयू में ड्रिप चढ़ाई गई। इसी दौरान उनके हाथ में तेज दर्द शुरू हुआ जो धीरे-धीरे असहनीय हो गया। उन्होंने कई बार मेडिकल स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने लगातार दर्द से कराहते हुए मदद मांगी, लेकिन कोई भी समय पर नहीं पहुंचा। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान दिया जाता तो यह स्थिति गंभीर नहीं होती और शायद हाथ को बचाया जा सकता था।

पुलिस ने दर्ज किया बयान, वीडियो और अंगूठा निशान भी लिए

रेलबाजार पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर निर्मला देवी का विस्तृत बयान दर्ज किया है, जिसे एक पेज में लिखित रूप दिया गया। इसके साथ ही बयान की कई प्रतियां तैयार की गईं और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके अंगूठे के निशान भी लिए गए। पुलिस ने पूरे बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है ताकि जांच में किसी तरह की पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि इस बयान को विवेचना का अहम हिस्सा बनाया जाएगा और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अब अस्पताल के स्टाफ, डॉक्टरों और इलाज से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही कहां और कैसे हुई।

14 दिन बाद डिस्चार्ज, आईटीबीपी कैंप में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज

निर्मला देवी को करीब 14 दिन तक इलाज के बाद पारस अस्पताल से बुधवार शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज के बाद उन्हें सीधे आईटीबीपी कैंप में रखा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि मामला बेहद संवेदनशील है और सर्जरी के बाद रिकवरी प्रक्रिया चल रही है। आईटीबीपी प्रशासन भी इस पूरे मामले में सक्रिय है और मेडिकल टीम के संपर्क में है। परिजनों का कहना है कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन आगे लंबी मेडिकल प्रक्रिया जारी रहेगी और नियमित जांच की जरूरत होगी।

कटा हुआ हाथ की होगी हिस्टोपैथालॉजी जांच

मामले की जांच के तहत कटा हुआ हाथ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां उसकी हिस्टोपैथालॉजी जांच की जाएगी। यह जांच इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि यह पता लगाया जा सके कि टिश्यू डैमेज किन कारणों से हुआ और संक्रमण या किसी मेडिकल प्रक्रिया की वजह से स्थिति इतनी गंभीर कैसे बनी। पुलिस ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के तहत हाथ को नष्ट करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। इससे पहले पुलिस पोस्टमार्टम हाउस में औपचारिकताएं पूरी कर चुकी है। यह पूरा मामला अब मेडिकल जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आगे बढ़ रहा है।

Updated on:
29 May 2026 09:42 am
Published on:
29 May 2026 09:42 am