
ITBP जवान अपनी मां के कटे हुए हाथ के साथ (फाइल फोटो- पत्रिका)
Kanpur ITBP: कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद से इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) जवान की मां निर्मला देवी के इलाज के दौरान हाथ काटे जाने की घटना अब जांच के घेरे में है। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर 10 अहम सवालों के जवाब मांगे हैं।
फतेहपुर निवासी ITBP जवान विकास सिंह की मां को 13 मई को सांस लेने में परेशानी होने पर कानपुर के टाटमिल स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद ही उनके हाथ में सूजन शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे गंभीर संक्रमण में बदल गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें बिठूर के दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया, जहां 17 मई को डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा। इस घटना ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में संक्रमण को कारण बताया गया था। लेकिन बाद में दोबारा हुई जांच में यह सामने आया कि मरीज पहले से हृदय रोग से पीड़ित थीं, जिससे रक्त संचार प्रभावित हुआ और हाथ में कालापन बढ़ता गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि दोनों अस्पतालों में सर्जन ने समय पर मरीज को देखा ही नहीं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
रेलबाजार पुलिस ने दोनों अस्पतालों के संचालकों को नोटिस भेजकर इलाज की पूरी प्रक्रिया पर 10 विस्तृत सवाल पूछे हैं। इनमें भर्ती से लेकर दवाओं, डॉक्टरों की मौजूदगी, जांच प्रक्रिया और सर्जरी तक की जानकारी शामिल है।
पुलिस ने साफ कहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों को थाने बुलाकर पूछताछ की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और गवाहों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। यह मामला अब सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
Updated on:
28 May 2026, 1:16 PM IST
Published on:
28 May 2026, 1:15 PM IST
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