
Anganwadi Helper Harassment:कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के मन्नीपुरवा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत एक सहायिका ने अपनी संचालिका समेत तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले 18 वर्षों से केंद्र में सेवाएं दे रही हैं, लेकिन पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही हैं। आरोप है कि नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया गया, कई बार मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मन्नीपुरवा निवासी मुन्नी देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि केंद्र की संचालिका मिथिलेश कुमारी पिछले लगभग 10 वर्षों से उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज की जाती थी और कई बार बाल पकड़कर झाड़ू व लाठी से मारपीट भी की गई। इसके साथ ही नौकरी से हटवा देने और जान से मारने की धमकियां भी दी जाती रहीं।
पीड़िता का कहना है कि 9 जुलाई 2026 को विवाद के दौरान संचालिका ने उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, उसी समय केंद्र में मौजूद अन्य आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया। मुन्नी देवी का आरोप है कि संचालिका के पति नरेश कुरील और पुत्र आलोक भी उन्हें प्रताड़ित करने में सहयोग करते रहे और कई बार उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पनकी थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर संचालिका मिथिलेश कुमारी, उनके पति नरेश कुरील और पुत्र आलोक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।