बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने एक पॉडकास्ट में कई खुलासे किए।
Kanpur Bikroo Kand Vikas Dubey Wife Richa Dubey: बिकरू कांड वाले 'विकास दुबे' की नाम सुनते ही साल 2020 में हुए हत्या, फिर उसके एनकाउंटर की कहानी याद आ जाती है। आज भी लोगों को 'विकास दुबे' का एनकाउंटर याद है। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे ने कई बड़े खुलासे किए। इस पॉडकास्ट में रिचा ने विकास दुबे के बारे में खुलकर बात की और अपनी जिंदगी के कई पहलुओं को सामने रखा। उसने खुद को पीड़ित बताया और कहा कि वे विकास के अपराधों से पूरी तरह दूर थीं।
रिचा दुबे ने बताया कि विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके दोनों बच्चे चुप्पी साध गए हैं। वे अपने पिता के बारे में कोई चर्चा नहीं करते। बच्चे अब बड़े हो चुके हैं और अपनी जिंदगी आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों बच्चे प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे हैं। वे मेहनत से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। रिचा का कहना है कि बच्चे बहुत होशियार हैं और पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन कानूनी कार्रवाइयों के कारण वे आगे की पढ़ाई नहीं कर पाए। इसलिए उन्हें नौकरी करनी पड़ी। रिचा ने बताया कि उसके बच्चे कभी भी अपने पिता के बारे में बात नहीं करते, न ही उसके प्रॉपर्टी को लेकर सवाल करते हैं। रिचा ने बताया कि विकास के मौत के बाद उसके दोनों बच्चे उसकी जिंदगी में मां-बाप का रोल निभा रहे हैं, जो उसको संभाले हुए हैं।
रिचा दुबे ने पॉडकास्ट में खुद को पीड़ित बताती हैं। रिचा ने साफ कहा कि वे विकास दुबे के किसी भी अपराध में शामिल नहीं थी। वे अपराध की दुनिया से दूर रही है। रिचा का दावा है कि शादी परिवार की जान-पहचान के आधार पर हुई थी। उसने विकास को अच्छा पति और अच्छा पिता बताया। रिचा ने कहा कि विकास बच्चों को अपराध की दुनिया से हमेशा दूर रखने की कोशिश करता था।
रिचा ने विकास दुबे को अच्छा इंसान बताया। उसने कहा कि विकास परिवार के लिए अच्छे पिता थे और बच्चों की परवरिश में पूरा ध्यान रखता था। रिचा खुद को विकास के अपराधों से अलग बताती हैं और कहती हैं कि वे उनके अच्छे गुणों को याद रखती हैं। पॉडकास्ट में रिचा ने विकास के परिवार के प्रति उनके रवैये और बच्चों के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी।
विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रिचा ने बताया कि कानूनी मामलों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। होशियार होने के बावजूद बच्चे आगे की शिक्षा नहीं ले पाए और नौकरी करने लगे। रिचा कहती हैं कि वे अब सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही हैं। परिवार ने मुश्किल समय को झेला है और आगे बढ़ने की कोशिश में लगा है।