कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) मामले में एसआईटी (SIT) की शुरुआती जांच नौ बिंदुओं पर केंद्रित है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) मामले में एसआईटी (SIT) की शुरुआती जांच नौ बिंदुओं पर केंद्रित है। इसमें विकास दुबे (Vikas Dubey) पर विभिन्न आपराधिक मामलों में अब तक हुई कार्रवाई, पुलिस की संलिप्तता, विकास दुबे के अवैध हथियार, संपत्ति और आय के स्रोतों से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। सरकारी सूत्रों की मानें तो इन नौ बिंदुओं को लेकर ही बयान भी दर्ज किए जाएंगे। एसआइटी का कहना है कि यदि किसी के पास मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी है तो वह संपर्क कर सकता है। शनिवार व रविवार को लॉकडाउन के कारण बयान दर्ज नहीं होंगे। एसआईटी 31 जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
इन नौ बिंदुओं पर हो रही जांच
- अपराधी विकास दुबे के खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हैं उनमें अब तक क्या कार्रवाई हुई। जो भी कार्रवाई हुई, क्या वह प्रभावी है?
- विकास दुबे के खिलाफ आम लोगों ने जितनी भी शिकायतें की थीं, उस पर चौबेपुर थाने की पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई की या नहीं?
-विकास दुबे और उसके साथियों के एक साल का सीडीआर निकालकर यह जांच की जाएगी कि किन-किन पुलिसकर्मियों ने उससे संपर्क किया।
-विकास दुबे और उसके सहयोगियों के खिलाफ एनएसए, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट लगा था। इस पर क्या कार्रवाई हुई और यदि कार्रवाई में लापरवाही हुई तो किस तरह की उपेक्षा की गयी।
-घटना के दिन जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया, उनकी क्षमता के बारे में क्या संबंधित थाने को जानकारी थी या नहीं?
- बड़ी संख्या में मामले दर्ज होने के बावजूद विकास दुबे और उसके साथियों के पास लाइसेंसी हथियार कैसे आए? इसकी जांच होगी।
-विकास दुबे और उसके साथियों की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों का पता लगाकर पुलिसकर्मियों की संलिप्तता का पता लगाया जाएगा।
-विकास दुबे और उसके साथियों ने क्या सरकारी और गैर सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था? यदि किया है तो इसमें कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे और उनकी भूमिका क्या है।
-कानपुर मामले के अभियुक्त, पुलिसकर्मी और उनके फाइनेंसर्स का पता लगाकर उनकी संपत्तियों की जांच और आय के स्रोत का पता लगाना।