
पनकी पुलिस की हिरासत में आरोपी
कानपुर। पनकी मंदिर में दर्शन करने गए एक कारोबारी के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को चौंका दिया। मंदिर के बाहर खड़ी उनकी महंगी थार कार कुछ ही मिनटों में गायब हो गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई—पुलिस ने महज पांच दिन में इस सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश कर दिया और जो सच्चाई सामने आई, वह और भी हैरान करने वाली थी।
जांच में खुलासा हुआ कि इस वारदात के पीछे कोई बड़ा गैंग नहीं, बल्कि दो दोस्त ही मास्टरमाइंड निकले। सुरेंद्रनगर, रावतपुर निवासी शिवम पाल ने अपने साथी अमन दीक्षित (केशवपुरम, आवास विकास-एक) के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की थी। दोनों ने मंदिर के बाहर खड़ी गाड़ियों को पहले से रैकी कर रखा था और मौका मिलते ही थार को निशाना बना लिया।
आदर्श नगर निवासी कारोबारी अरविंद कुमार परिवार के साथ पनकी मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे। उन्होंने गेट नंबर चार के बाहर अपनी थार खड़ी की और निश्चिंत होकर मंदिर में चले गए। लेकिन जब लौटे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई—कार वहां थी ही नहीं। तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई और पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो तकनीकी सर्विलांस से अहम सुराग मिले। इस दौरान आरोपी अमन दीक्षित चोरी की कार लेकर लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन पुलिस भी पीछे हटने वाली नहीं थी—टीम ने लगातार ट्रैकिंग जारी रखी।
आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना पर कपली मार्ग डबल रोड पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे, पुलिस ने दबिश देकर अमन और उसके साथी शिवम को थार कार समेत पकड़ लिया। पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया।
एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, यदि थोड़ी भी देरी होती तो आरोपी कार को काटकर उसके पुर्जे बेच देते। समय रहते की गई कार्रवाई से न सिर्फ कार बरामद हो गई, बल्कि चोरी की साजिश का भी पर्दाफाश हो गया। फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
Updated on:
03 May 2026 04:46 pm
Published on:
03 May 2026 04:44 pm
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