कानपुर

Kanpur News: 100 रुपये में बेच रहा था 8-10 साल की बच्चियों के अश्लील वीडियो, Google Alert ने खोली पोल

Kanpur Cyber Crime: कानपुर में Google Alert के जरिए बच्चियों के अश्लील वीडियो बेचने वाले आरोपी का खुलासा हुआ। साइबर पुलिस ने मोबाइल ट्रैक कर युवक को गिरफ्तार किया, IT Act के तहत केस दर्ज।
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Jul 20, 2026
Google Alert News Kanpur Cyber Crime Child Sexual Abuse Material CSAM Case
इंटरनेट पर बच्चियों के अश्लील वीडियो बेचने वाला गिरफ्तार

Kanpur Child Pornography Case: इंटरनेट पर बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट (Child Sexual Abuse Material-CSAM) के खिलाफ चल रही निगरानी के बीच कानपुर में एक बड़ा मामला सामने आया है। गूगल अलर्ट के जरिए मिली सूचना के बाद साइबर पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर 8 से 10 साल की बच्चियों के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेच रहा था। आरोपी के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद किए गए हैं।

गूगल अलर्ट से खुला मामला

पुलिस के अनुसार, रविवार को राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (NCMEC) के पोर्टल पर गूगल की ओर से एक अलर्ट भेजा गया। अलर्ट में शिकायत थी कि एक मोबाइल नंबर से टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर नाबालिग बच्चियों के अश्लील वीडियो अपलोड कर उन्हें पैसों के बदले बेचा जा रहा है। सूचना मिलते ही साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की और मोबाइल नंबर के साथ फोन की IMEI ट्रैक कर आरोपी तक पहुंच गई।

IMEI ट्रैक होते ही पुलिस ने दबोचा

जांच के दौरान पुलिस जाजमऊ के लारी कंपाउंड स्थित शिवांशी टेनरी इलाके पहुंची, जहां से मो. नोमान नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि इन मोबाइलों में बच्चों से जुड़े कई अश्लील वीडियो मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

100 से 150 रुपये में बेचता था वीडियो

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंटरनेट से ऐसे वीडियो जुटाता था और फिर उन्हें टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए 100 से 150 रुपये लेकर लोगों को भेजता था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई

साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही बरामद डिजिटल डिवाइस की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने लोगों को वीडियो भेजे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

Updated on:
20 Jul 2026 02:51 pm
Published on:
20 Jul 2026 02:51 pm