IIT Kanpur GSV MoU:आईआईटी कानपुर और गति शक्ति विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते से परिवहन व लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा। AI आधारित स्मार्ट सिस्टम और स्वदेशी तकनीकों से भारत में सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
कानपुर। देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और गति शक्ति विश्वविद्यालय के बीच 24 मार्च 2026 को एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास और उन्नत अनुसंधान को एक नई दिशा देना है, खासतौर पर परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।
इस समझौते पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल और जीएसवी के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रो. तरुण गुप्ता, प्रो. योगेश सिंह चौहान और प्रो. दीपु फिलिप समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस साझेदारी के तहत जीएसवी के स्नातक छात्रों को आईआईटी कानपुर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें वास्तविक तकनीकी वातावरण में काम करने का अनुभव मिलेगा, जो उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकता है। साथ ही, छात्रों को इंटर्नशिप और रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स विकसित करने का मौका भी मिलेगा।
यह सहयोग केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रेलवे अनुसंधान और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में संयुक्त शोध को भी बढ़ावा देगा। इसके अंतर्गत रेल, सड़क, वायु और समुद्री परिवहन के साथ-साथ अंतर्देशीय जलमार्गों पर भी समन्वित और अंतःविषयक अनुसंधान किया जाएगा। इससे देश में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
इस पहल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इन तकनीकों के जरिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे यातायात प्रबंधन अधिक स्मार्ट और सुरक्षित बन सकेगा।
इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य परिवहन क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों का विकास करना है। इससे न केवल देश में बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी, बल्कि स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं के निर्यात के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
MoU के तहत संकाय विनिमय कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे दोनों संस्थानों के प्रोफेसर और शोधकर्ता एक-दूसरे के साथ काम कर सकेंगे। साथ ही, जीएसवी के छात्रों को आईआईटी कानपुर में प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। यह साझेदारी भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो आने वाले समय में देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को नई रफ्तार दे सकती है।