
कानपुर। शहर की भागदौड़ भरी सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम किसी के लिए सिर्फ देरी का कारण बनता है, लेकिन कई बार यही जाम जिंदगी और मौत के बीच की दूरी भी तय कर देता है। ऐसे ही संवेदनशील हालात को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक अहम पहल करते हुए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ व्यवस्था की शुरुआत कर दी है। इस नई व्यवस्था का मकसद आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के अस्पताल तक पहुंचाना है, ताकि मरीज को समय रहते इलाज मिल सके और अनमोल जीवन बचाया जा सके।
ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए Integrated Command and Control Centre (ICCC) में विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर सेल’ स्थापित किया गया है। यह सेल पूरी तरह से हाईटेक सिस्टम से लैस है, जो एम्बुलेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। जैसे ही एम्बुलेंस चालक टोल फ्री नंबर 9454402413 पर कॉल कर अपनी लोकेशन और गंतव्य की जानकारी देता है, वैसे ही कंट्रोल रूम सक्रिय हो जाता है। सीसीटीवी कैमरों और गूगल मैप्स की मदद से एम्बुलेंस की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। इसके साथ ही संबंधित रूट पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस को तुरंत अलर्ट भेज दिया जाता है, जिससे समय रहते रास्ता साफ कराया जा सके। यह तकनीकी समन्वय न केवल समय बचाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज भी बनाएगा।
अब एम्बुलेंस को जाम में फंसने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्रीन कॉरिडोर के तहत पुलिस पहले से ही सक्रिय होकर उन रास्तों को चिन्हित करेगी, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक है। एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित करेंगे और मार्ग को पूरी तरह से क्लियर कर देंगे। इस व्यवस्था से दुर्घटना पीड़ितों, हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाना संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यही वह समय होता है जब त्वरित उपचार मरीज की जान बचा सकता है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए पुलिस ने केवल तकनीक पर ही नहीं, बल्कि संस्थागत सहयोग पर भी जोर दिया है। अस्पताल संचालकों, एम्बुलेंस सेवाओं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है। सभी हितधारकों के सुझावों को शामिल करते हुए एक ऐसी प्रणाली विकसित की गई है, जो जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर सके। यह पहल प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल का भी उदाहरण बनकर उभरी है।
अपर पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर डॉ. विपिन ताडा ने कहा, “ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसमें आमजन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि लोग सहयोग करेंगे, तो यह पहल कई जिंदगियों को बचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
Published on:
01 Apr 2026 06:00 am
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