कानपुर

ऑनलाइन शॉपिंग की मार: छोटे व्यापारियों का दर्द सांसद तक पहुंचा, बाजार बचाने की गुहार

Online Shopping Impact :ऑनलाइन शॉपिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा से छोटे व्यापारियों का कारोबार घट रहा है। व्यापारियों ने बीजेपी सांसद को ज्ञापन सौंपकर नियम, कर समानता और बाजारों के संरक्षण की मांग की। रोजगार पर संकट और परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।

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Mar 02, 2026

कानपुर,तेजी से बढ़ती ऑनलाइन शॉपिंग ने जहां उपभोक्ताओं को सुविधा और विकल्प दिए हैं, वहीं स्थानीय बाजारों के छोटे और फुटकर व्यापारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर रविवार को शहर के व्यापारियों ने एकजुट होकर अकबरपुर लोकसभा के सांसद को ज्ञापन सौंपा और ऑनलाइन कंपनियों की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो परंपरागत बाजारों की रौनक इतिहास बनकर रह जाएगी।

नहीं दे पाते हैं स्थानी दुकानदार छूट -

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ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट, कैशबैक और विशेष ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही हैं। इसके मुकाबले स्थानीय दुकानदार न तो इतनी छूट दे पा रहे हैं और न ही उनके पास बड़े प्लेटफॉर्म जैसी पूंजी है। नतीजतन बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटती जा रही है और रोजमर्रा का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन व्यापार के लिए स्पष्ट और सख्त नियमों की कमी के कारण असमान प्रतिस्पर्धा का माहौल बन गया है।

लगातार व्यापार में आ रही गिरावट -

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे दुकानदारों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है, जिससे न सिर्फ दुकानों का भविष्य खतरे में है, बल्कि उनसे जुड़े कर्मचारियों और परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। कई दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन तक निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में यह सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि रोजगार और सामाजिक संतुलन का भी सवाल बनता जा रहा है। वही सांसद ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि छोटे और फुटकर व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद और संबंधित मंचों पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। सांसद ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का विरोध नहीं है, लेकिन प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि स्थानीय बाजार भी टिके रहें और रोजगार सुरक्षित रहे।

यह लोग रहे मौजूद -

इस मौके पर जिला अध्यक्ष राहुल शुक्ला के साथ निर्भय रेजा, अतुल शुक्ला, रामराज पाल, बड़े सिंह चंदेल, पंकज अवस्थी, शील मिश्रा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार के लिए समान कर व्यवस्था लागू की जाए, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और स्थानीय बाजारों को संरक्षण देने के लिए विशेष नीति बनाई जाए।

क्या बोले व्यापारी-

व्यापारी रामकुमार ने कहा कि ऑनलाइन छूट के कारण उनकी दुकान पर ग्राहक पहले के मुकाबले आधे रह गए हैं और मुनाफा तो दूर, लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। अनिल का कहना था कि वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक व्यापार पर संकट मंडरा रहा है और सरकार को जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं संजय सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो छोटे दुकानदारों को दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिससे हजारों परिवार बेरोजगार हो जाएंगे।

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