कानपुर

ओह नो! बंद हुई केडीए के ईडब्ल्यूएस, एलआईजी फ्लैट्स की बुकिंग

नवरात्रि के महीने में क्‍या आपने भी केडीए के ईडब्ल्यूएस, एलआईजी फ्लैट की बुकिंग का सपना संजोया था. ऐसा है तो आपको बता दें कि आपका भी ये सपना टूटने को है. कारण है कि सर्कुलेशन के जरिए केडीए बोर्ड से अभी तक प्रपोजल पास न होने की वजह से केडीए ने फ्लैट की बुकिंग पर रोक लगा दी है.
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Updated: 13 Oct 2018, 1:06 PM IST
Kanpur
ओह नो! बंद हुई केडीए के ईडब्ल्यूएस, एलआईजी फ्लैट्स की बुकिंग

कानपुर। नवरात्रि के महीने में क्‍या आपने भी केडीए के ईडब्ल्यूएस, एलआईजी फ्लैट की बुकिंग का सपना संजोया था. ऐसा है तो आपको बता दें कि आपका भी ये सपना टूटने को है. कारण है कि सर्कुलेशन के जरिए केडीए बोर्ड से अभी तक प्रपोजल पास न होने की वजह से केडीए ने फ्लैट की बुकिंग पर रोक लगा दी है. वैसे आपको ये भी बता दें कि नवरात्रि में भले न सही, लेकिल दीपावली से पहले बुकिंग शुरू होने के केडीए ऑफिसर दावे जरूर कर रहे हैं. ऐसे में उम्‍मींद कर सकते हैं कि नवरात्रि नहीं तो दिवाली पर आपका ये सपना पूरा हो सकता है.

थी कुछ ऐसी तैयारी
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार केडीए के हजारों की संख्या में फ्लैट अभी भी खाली पड़े हुए हैं. इनमें ईडब्ल्यूएस व एलआईजी फ्लैट्स की संख्या लगभग 500 के करीब है. इतना ही नहीं, केडीए ने इन फ्लैट्स के लिए तुरन्त कब्जे की योजना शुरू की थी. इसमें ईडब्ल्यूएस फ्लैट के लिए कीमत की एक चौथाई धनराशि और एलआईजी फ्लैट के लिए 50 पर्सेंट धनराशि एकमुश्त जमा करते पर तुरंत फ्लैट पर कब्जा देने की तैयारी भी थी. इसके बावजूद अभी भी हजारों फ्लैट खाली ही पड़े हुए हैं.

भेजा था प्रपोजल भी
इसके लिए सर्कुलेशन के जरिए केडीए बोर्ड की ओर से मंजूरी के लिए प्रपोजल भी भेजा गया था, लेकिन अभी तक प्रपोजल पास नहीं हो सका है. इस बीच लोगों को इस योजना की जानकारी हुई तो वह केडीए के सिग्नेचर सिटी में लगाए गए आवास विक्रय मेला में पहुंच गए. वहीं प्रपोजल पास न होने के कारण उन्हें सिवाए निराशा के कुछ और हाथ नहीं लगा. केडीए वीसी किंजल की मानें तो उन्‍होंने बताया कि प्रपोजल के पास होते ही यह योजना लागू कर दी जाएगी.

बढ़ाई जा रही है कर्मियों की संख्‍या
सिग्नेचर सिटी विकास नगर में आयोजित आवास विक्रय मेला में केडीए कर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है. ताकि शनिवार व रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिक संख्या में लोगों के आने पर परेशानी न हो सके. इसके साथ ही लोगों को निराश होकर वापस न लौटने पड़े, बल्‍कि उन्‍हें हर तरह की और पूरी जानकारी मिल सके.

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13 Oct 2018, 1:06 PM IST
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