UP Lal Imali: दुनिया में मशहूर कानपुर की लालइमली अब इंडस्ट्रिय म्यूजियम बन जाएगी। भारत सरकार से इसके लिए अनुमति ली जा रही। यूरोप की तर्ज पर लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन व नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा।
शहर की अमूल्य धरोहर रही लालइमली को अब इंडस्ट्रियल हेरीटेज म्यूजियम के रूप में विकसित करके उसे बदला जाएगा। जिससे पर्यटक इसे देखेंगे और इसके महत्व को जानेंगे। यूरोप की तर्ज पर लाइमली रोड को नो व्हीकल जोन करके लाइट एंड साउंड शो व फाउंटेन भी लगाया जाएगा। इसके लिए कमिश्नर व डिप्टी सीएम के बीच मंत्रणा हुई है। डिप्टी सीएम ने इसे बनाने पर स्वीकृति भी दे दी है। जल्द ही भारत सरकार की अनुमति लेकर म्यूजिम बनाने की कवायद शुरू की जाएगी। बता दें लाल इमली ने उद्योग के क्षेत्र में कानपुर को एक नई पहचान दी। ईस्ट का मैनचेस्टर कहा जाता था।
1876 में लाल इमली का निर्माण हुआ था। यह कानपुर ही नहीं पूरे यूपी की अमूल्य धरोहर है। इसको लेकर कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से मंत्रणा की। कमिश्नर ने बताया कि लालइमली के 100 मीटर का एरिया विकसित किया जाएगा। इंडस्ट्रियल हेरीटेज म्यूजियम के रूप में इसे यूरोप की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। कोवल स्टोन से घेरकर पूरा सिटिंग एरिया बनाया जाएगा। इसमे सेल्फी प्वांइट के साथ ही पूरी लाइटिंग होगी।
सभी फोटो से लेकर हर जानकारी होगी
इंडस्ट्रियल हेरीटेज म्यूजियम में लालइमली की सभी फोटो से लेकर हर जानकारी होगी। वहां के बने उत्पादों को भी लगाया जाएगा। जिससे देखने के लिए आने वाले लोगों को अमूल्य धरोहर की जानकारी हो जाए।
थीम लाइटिंग से जगमग हुई लाल इमली
थीम लाइटिंग से शुक्रवार की रात लाल इमली की ऐतिहासिक इमारत जगमगा उठी। स्मार्ट सिटी द्वारा 1.17 करोड़ रुपये से कराए गए इस कार्य का लोकार्पण डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने किया। लोकार्पण समारोह में उन्होंने कहा कि लाल इमली ऐतिहासिक धरोहर है। स्मार्ट सिटी ने दिशा में अच्छी पहल की है। जब देश अमृत महोत्सव मना रहा था तो लाल इमली को संवारने का काम स्मार्ट सिटी द्वारा किया जा रहा था। इसके स्वरूप में बदलाव करने के पीछे अच्छी सोच काम कर रही थी।