कानपुर

ऑपरेशन महाकाल: भू माफिया, वसूलीबाज, सफेदपोश, सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच, दूसरा चरण 10 सितंबर से

Operation Mahakal ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत भू माफिया परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सफेद पोश और सरकारी कर्मचारियों को भी चिन्हित किया गया है। यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। शासन को सतर्कता जांच के लिए भी लिखा जाएगा। ‌ व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया।

3 min read
Aug 20, 2025
(फोटो सोर्स- 'x' police commissioner Kanpur)

Operation Mahakal कानपुर में ऑपरेशन महाकाल शुरू की गई है। जिसके अंतर्गत दो से अधिक शिकायतों पर गैंग के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। भू माफियाओं और वसूली गैंग पर शिकंजा कसा जाएगा। ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत भू माफियाओं और वसूली बाजों की पहचान की जा रही है।‌ इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर ऑफिस से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑपरेशन महाकाल भू माफिया और भ्रष्ट नेटवर्क को ध्वस्त करने का काम करेगा। पिछले 1 वर्ष से आम लोगों से मिली शिकायती प्रार्थना पत्रों का समीक्षा के दौरान भूमाफियाओं वसूली बाज गैंग के संबंध में जानकारी मिली है। कार्रवाई से सफेद पोश और सरकारी कर्मचारी काफी परेशान है।

सरकारी कर्मचारी भी घेरे में

ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत सफेद पोश व्यक्ति, इस कार्य में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। जिन्हें दो श्रेणी में बांटा गया है। पहले में माफिया, दूसरा वसूलीबाज गैंग, माफिया में ऐसे व्यक्तियों के संगठित समूह से है। जोृ निजी सरकारी भूमि भवन या भूखंड को आर्थिक एवं व्यावसायिक लाभ के लिए अपराधिक क्रियाकलापों से जबरदस्ती कब्जा करते हैं। कानून-व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए सम्पत्ति अर्जित करते हैं । वसूलीबाज गैंग में सफेद पोश के साथ सरकारी कर्मचारी, पुलिस, कानपुर विकास प्राधिकरण, रजिस्ट्री, नगर निगम, ट्रांसपोर्ट विभाग के श्रेणी के लोग शामिल हैं। जो माफियाओं को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहयोग करते हैं। आम जनमानस को कानून आदि का भय दिखाकर आर्थिक लाभ लेते हैं।

दो चरणों में चलाया जाएगा ऑपरेशन महाकाल

ऑपरेशन महाकाल दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में भू माफिया, वसूली बाज, सफेद पोश व्यक्ति एवं परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सरकारी कर्मचारियों का चिन्हित किया जाएगा। द्वितीय चरण में चिन्हित भू माफियाओं, वसूलीबाज गैंग, सफेद पोश व्यक्तियों, कर्मचारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 5 अगस्त से 10 अगस्त के बीच गोपनीय सूचना एकत्र की गई। इस दौरान लोगों से शिकायतें भी प्राप्त की गई। 15 अगस्त तक यह सूची तैयार हुई। जिसमें जोन के अपर पुलिस उपायुक्त को अध्यक्ष और सभी सहायक उपायुक्त को सदस्य बनाया गया है। ‌

जारी किया गया व्हाट्सएप नंबर

इस दौरान जनता से गोपनीय सूचनाएं भी एकत्र की जाएंगी। जिसे व्हाट्सएप नंबर 9454400688 नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर सूचना देने वाले व्यक्तियों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। ऐसे व्यक्तियों या समूह के बारे में ही जानकारी मांगी गई है। जिन्होंने दो या दो से अधिक लोगों से जमीन हड़पी हो या वसूली की हो। व्यक्तिगत मामलों को इसमें नहीं देखा जाएगा।

थानाध्यक्ष भी बनाएंगे सूची

थानाध्यक्ष थाना स्तर पर हल्का प्रभारी, बीट उप निरीक्षकों से विचार विमर्श कर सूची तैयार करेंगे। जिसमें आईजीआरएस में पिछले 5 सालों से प्राप्त भूमि विवाद के प्रार्थना पत्र, थाना के भूमि विवाद और थाना दिवस रजिस्टर, प्राइवेट कॉलोनी स्थापित करने वाले व्यक्तियों की जानकारी, पिछले 5 वर्षों से ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध जमीन कब्जाने जैसे अपराध और स्वयं की भी सूचना शामिल है।

5 वर्षों के कार्यों की होगी समस्या

इसी प्रकार सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर भी सूची तैयार की गई है। जिसमें विगत 5 वर्षों के कार्यों की जांचों की समीक्षा की जाएगी। माफिया पोर्टल पर उपलब्ध सूची का अवलोकन और समीक्षा, स्वयं की भी सूचना के आधार पर सूची तैयार की गई।

शासन को जांच के लिए लिखा जाएगा

10 सितंबर से ऑपरेशन महाकाल में चिन्हित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू होगी। चिन्हित और माफियाओं को प्रदेश सरकार की भू माफिया पोर्टल पर नाम अपलोड करने, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, अपराध जगत से अर्जित की गई संपत्ति का जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। वसूली बाजों, सफेद पोशों, सरकारी कर्मचारियों के विषय में शासन को सतर्कता जांच के लिए लिखा जाएगा

ये भी पढ़ें

कन्नौज में पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ मुकदमा, 10 नामजद, 20-25 अज्ञात

Updated on:
20 Aug 2025 01:54 pm
Published on:
20 Aug 2025 12:22 pm
Also Read
View All

अगली खबर