Shubham Dwivedi wife and father met Premananda Maharaj प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी, पिता पहुंचे। इस दौरान काफी भावुक क्षण था। करीब 10 मिनट तक एकांतिक वार्ता हुई।
Shubham Dwivedi wife and father met Premananda Maharaj प्रेमानंद महाराज से पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों की एकांतिक वार्ता हुई। इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने शुभम द्विवेदी के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े शूरवीरों का मन इस तरह की घटनाओं में व्यथित हो जाता है। इस मौके पर उन्होंने अभिमन्यु की मौत का उल्लेख किया। बोले अभिमन्यु की मौत के बाद अर्जुन की हालत खराब थी। जिन्हें भगवान खुद समझ रहे थे। फिर भी व्यथित थे। पिता पुत्र प्रेम वियोग को नहीं सह पाता है। हम लोग तो केवल सहानुभूति के वचन बोल सकते हैं।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि महाराज दशरथ ने पुत्र वियोग में अपने प्राण को त्याग दिया। लंका में लक्ष्मण को शक्ति लगने के समय भगवान श्री राम स्वयं दुख के सागर में डूब गए थे। परिवार वालों को समझाते हुए कहा कि शुभम का पहलगाम में शहीद होना विधि का विधान है। उन्हीं जीवों का वहां पहुंचना हुआ। जिनका प्रारब्ध पूरा हो चुका था। निमित्त कोई भी बने। लेकिन काल को दोष नहीं दिया गया। जबकि मरने वाला काल है।
प्रेमानंद आचार्य महाराज ने शुभम द्विवेदी की पत्नी से पूछा कि आप तो वहां मौजूद थी। इस पर बताया गया कि वहां पर हिंदूओं को पूछ-पूछ कर मारा गया। शुभम द्विवेदी के पिता ने ऐशान्या की तरफ इशारा करते हुए बताया कि 2 महीने पहले ही शादी हुई थी। इस दौरान ऐशान्या काफी दुखी थी। प्रेमानंद महाराज ने शुभम द्विवेदी के परिजनों को नाम जाप करने की सलाह दी।
पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को आतंकियों ने हिंदुओं को पूछपूऊछ कर गोली मारा था। इस दौरान 26 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें कानपुर के हाथीपुर के रहने वाले शुभम द्विवेदी भी शामिल थे। जिनका सीमेंट का कारोबार था। इस मौके पर शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी पत्नी ऐशान्या, चाचा मनोज कुमार द्विवेदी सहित अन्य परिजन मौजूद थे। करीब 10 मिनट तक एकांतिक वार्ता हुई।