शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के एक्टिव होते ही अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं...
कानपुर. शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के एक्टिव होते ही अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह मोर्चा समाजवादी पार्टी को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहा है। बुधवार को कानपुर समाजवादी मजदूर सभा के नगर अध्यक्ष राजू ठाकुर ने अपने 500 समर्थकों संग इस्तीफा दे दिया। अब ये सभी शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में शामिल होंगे। नगर अध्यक्ष के सामूहिक इस्तीफे से सपा मजदूर सभा की पूरी कार्यकरणी ही भंग हो गयी। नगर अध्यक्ष राजू ठाकुर ने सामूहिक इस्तीफा लिखकर पार्टी कार्यालय को स्पीड पोस्ट कर दिया है। राजू ठाकुर ने वर्ष 1977 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी।
राजू ठाकुर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जबसे पार्टी की सत्ता अखिलेश यादव क हाथ में आई है। सब बर्बाद हो गया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में चुनाव हारने के बावजूद उन्हेंने सीख नहीं ली। सपा के जमीनी नेताओं को पार्टी में किनारे किया जा रहा है। उनकी मनमानी के चलते सपा कमजोर होती जा रही है, जिसका नतीजा 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद नजर आएगा।
मुलायम के समय में ऐसा नहीं था
सपा मजदूर सभा के नगर अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। लोग परेशान हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी उनकी परवाह न करके उत्तर प्रदेश में साइकिल चला रही है। जबकि मुलायम सिंह के समय में हर समाजवादी लोगों की मदद के लिये हर पल तैयार खड़ा रहता था। राजू ठाकुर यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मौजूदा समाजवादी लोहिया जी के सिद्धांतों से भटक गई है। पार्टी में पूंजीपतियों को सर्वोच्च पद दिये जा रहे हैं। पार्टी में अब पुराने सपाइयों के लिये जगह नहीं बची है।
हो रहा था सौतेला व्यवहार
सपा मजदूर सभा के नगर अध्यक्ष राजू ठाकुर ने आलाकमान को भेजे इस्तीफे में पार्टी में अपमान और नजर अंदाज करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा के नगर अध्यक्ष मोइन खान और समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल पुरी में अनबन है, जिसकी वजह से सपा मजदूर सभा के पदाधिकारियों की अनदेखी हो रही। सभा के पदाधिकारियों संग सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने बड़ी उम्मीदों से सपा मजदूर सभा का गठन किया था, जहां मजदूरों की समस्याओं और उनके मुद्दों को उठाये जाते थे।