
कानपुर के बेकनगंज इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने युवाओं के विदेश जाने के सपनों को झकझोर कर रख दिया है। यहां नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। खास बात यह है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे और उन्हें लाखों रुपये का चूना लगाते थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी युवाओं को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें विदेश में आकर्षक सैलरी, बेहतर जीवन और सुनहरे भविष्य का लालच दिया जाता था। इसके बाद वीजा, हवाई टिकट और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे 3 से 4 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। लेकिन विदेश पहुंचने पर युवकों को ठगी का एहसास होता, जहां न तो नौकरी मिलती और न ही कोई सुविधाएं। कई मामलों में उन्हें प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा विदेश भेजे गए युवाओं को कंबोडिया जैसे देशों में साइबर ठगी के गिरोहों में जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड करने की ट्रेनिंग दी जाती और टारगेट पूरा न करने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाती थी। कई युवक किसी तरह वहां से भागकर भारत लौटे और आपबीती सुनाई। पीड़ितों के बयान सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने में जुट गई। मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—मो. अमन और मो. फैसल वारसी—को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि विदेश नौकरी के नाम पर मिलने वाले ऑफर्स पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी एजेंसी या व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही पैसे का लेन-देन करें, वरना आपका सपना भी ऐसे ही जाल में फंस सकता है।
Published on:
12 Apr 2026 05:48 pm
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