UP News: सिख दंगा दो आरोपियों को एसआईटी ने गिरफ्तार किया। अब तक 34 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
सिख दंगे की जांच कर रही एसआईटी ने दो और आरोपितों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दादानगर में दो घटनाओं में दोनों आरोपित शामिल थे। इन्होंने मिलकर पांच सिखों की हत्या के बाद डकैती डाली थी। बुधवार दोपहर दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद दोनों को जेल भेज दिया।
महापालिका कॉलोनी दादानगर में 1984 में कपड़ा मिल थी। वहीं पर मजदूर काम करते थे और कॉलोनी में उनके रहने के लिए आवास थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब सिख दंगा भड़का तो महापालिका कॉलोनी में सरदार भगत सिंह के यहां हमला कर उनकी हत्या की गई। उन्हीं के पड़ोस में रहने वाले जोगेन्द्र सिंह और उनके परिवार की शीला रानी, दलजीत सिंह और सतनाम सिंह की हत्याकर डकैती डाली गई। दोनों मामलों में गोविंद नगर थाने में अलग- अलग एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इन्हीं दोनों मामलों में एसआईटी ने सेवाग्राम कॉलोनी दादानगर निवासी सलीम और मुन्ना शुक्ला उर्फ रामप्रकाश शुक्ला को गिरफ्तार किया।
पांच और गिरफ्तारियां होंगी मामले में
डीआईजी एसआईटी बालेन्दु भूषण सिंह ने बताया कि इस मामले में आठ आरोपितों के नाम बयान में सामने आए थे, जिसमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों घटनाओं में भीड़ का नेतृत्व मार्केंडेय शुक्ला ने किया था। उनकी मौत हो चुकी है। इसके अलावा पांच और गिरफ्तारियां होनी हैं। जिसमें से दो वकील हैं। एक 80 साल के बुजुर्ग हैं।
बाबा बनकर छुपा है एक आरोपित
डीआईजी के मुताबिक इन घटनाओं में शामिल एक आरोपित बाराबंकी में बाबा के भेष में छुपकर जीवन बिता रहा है। उसके बारे में एसआईटी को जानकारी मिल चुकी है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं दूसरा आरोपित गोरखपुर में छुपकर रह रहा है। उसे गिरफ्तार करने के लिए भी टीम जल्द गोरखपुर के लिए रवाना होगी।