UP Riots: जब एसआईटी अफसरों ने दंगा आरोपित के परिवार से कहा कि 3 बुलडोजर रखें हैं सोंच लो क्या करना है। इतना कहते ही सालों से लापता आरोपी खुद एसआईटी तक पहुंच गया।
सिख दंगा में एसआईटी आरोपित मौबीन शाह की तलाश कर रही थी। रविवार रात को टीम उसके यहां गई थी। मगर वह मिला नहीं। तब एसआईटी उसके परिवार वालों को बोलकर आई थी कि तीन बुलडोजर रखे हैं। सोच लेना क्या करना है। यह सूचना जब मौबीन तक पहुंची तो वह खुद ही सोमवार रात को एसआईटी के पास पहुंच गया।
पहले चार गिरफ्तारियों के बाद एसआईटी मौबीन और अमर सिंह की ही तलाश कर रही थी। एसआईटी सूत्रों के मुताबिक अमर सिंह के बारे में यह जानकारी मिल गई थी कि वह रात में घर पर ही मिलेगा मगर मौबीन की लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। एसआईटी सूत्रों के मुताबिक तीन सदस्यीय टीम को आखिरी बार रविवार की रात में मौबीन के घर पहुंची। वहां पर उसकी पत्नी मिली थी। एसआईटी सूत्रों के मुताबिक उससे मौबीन के बारे में पूछा गया था मगर उसे जानकारी नहीं थी। तब उसे थोड़ा सख्ती से बात की गई। उससे कहा गया कि तीन बुलडोजर खड़े हैं। क्या चाहते हो आप लोग खुद ही तय कर लो। इसके बाद मौबीन खुद सोमवार रात एसआईटी ऑफिस पहुंच गया।
बेटी की लव मैरिज से था नाराज
बेटी की लव मैरिज से नाराज छोड़ा था घर मौबीन की पत्नी इशरत ने बताया कि राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा की बसे चलती थी। उसी में पति क्लीनर था। मौबीन अपनी पत्नी और बेटे हैरान के साथ घाटमपुर में रहता है। वहीं उसके तीन बेटे गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते हैं। इशरत ने बताया कि बेटी ने दो साल पहले पड़ोस के ही सलमान उर्फ भिंडी से लव मैरिज कर ली थी। इस बात से मौबीन पत्नी से बेहद नाराज होकर घर से चला गया और तब से आज तक वह नहीं लौटा है। वह कबाड़ का काम करता है और प्रयागराज में जाकर बस गया था।
पत्नी की मौत के बाद साली से कर ली थी शादी
अमर सिंह उर्फ भूरा की गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा रही। भूरा के बारे में पूरा गांव जानता है कि वह कितना शातिर अपराधी है। सन 2005 में पनकी क्षेत्र में एक हत्या के मामले में भूरा ने अपने भाई और पहेवा गांव के एक अन्य युवक को जेल भिजवा दिया था। जिसका खुलासा बाद में हुआ था। उसकी पत्नी निर्मला सिंह की तीस साल पहले मौत हो गई थी। उससे भूरा के एक बेटा धीरेन्द्र सिंह और बेटी दीपा सिंह है। पत्नी की मौत के बाद उसने अपनी साली संगीता से शादी कर ली थी। जिससे बेटा दीपेन्द्र हुआ। जो पीएसी में तैनात है। 1984 में वह कोतवाली के सामने पान की गुमटी लगाता था।