
कानपुर के पनकी क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर अनुभव शुक्ला उर्फ सानू की नहर में डूबने से हुई मौत की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब प्रशासनिक जांच से आगे बढ़कर राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है।
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मृतक किशोर के परिजनों का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही कार्रवाई कर दी। कांग्रेस का कहना है कि जब एक परिवार अपने बच्चे की मौत के बाद न्याय की मांग कर रहा था,तब पुलिस ने स्थिति संभालने के बजाय बल प्रयोग और मुकदमे की कार्रवाई का रास्ता चुना, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद हुए प्रदर्शन और सड़क जाम को लेकर पुलिस ने मृतक के परिजनों समेत 58 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का तर्क है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और सार्वजनिक मार्ग बाधित हुआ, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई की गई। हालांकि, इस कार्रवाई ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार पीड़ित परिवारों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच जारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोष साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के पनकी क्षेत्र के रतनपुर कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय अनुभव शुक्ला उर्फ सानू रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे साइकिल से अपनी बहन की कॉपी लेने शिक्षक के घर गया था। कॉपी लेकर लौटते समय वह घर नहीं पहुंचा। देर शाम तक परिजनों ने उसकी तलाश की तो रतनपुर नहर के पास उसके कपड़े बरामद हुए, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई।
सोमवार सुबह पुलिस और गोताखोरों की मदद से नहर से उसका शव बरामद किया गया। मृतक की मां नीलू शुक्ला ने पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पर हत्या की आशंका जताई और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। सूचना पर पहुंचे पनकी, कल्याणपुर और सचेंडी थानों की पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया था।