चकेरी में पकड़े गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कमरुज्जमा से शुरुआती पूछताछ के बाद अब एटीएस की रडार पर एक स्थानीय मौलाना भी आ गया है, जो आतंकी के पकड़े जाने के बाद से गायब है. एटीएस को जांच में यह पता चला है कि आतंकी इस मौलाना से अक्सर बात करता था.
कानपुर। चकेरी में पकड़े गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कमरुज्जमा से शुरुआती पूछताछ के बाद अब एटीएस की रडार पर एक स्थानीय मौलाना भी आ गया है, जो आतंकी के पकड़े जाने के बाद से गायब है. एटीएस को जांच में यह पता चला है कि आतंकी इस मौलाना से अक्सर बात करता था. इससे मौलाना पर आतंकी के मददगार होने का शक गहरा गया है. इस बाबत एटीएस अफसरों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह जांच का हवाला देकर कुछ भी बोलने से बचते रहे.
हुआ है ये बड़ा खुलासा
चकेरी से एटीएस ने बीते गुरुवार को हिजबुल मुजाहिद्दीन के एक आतंकी को पकड़ा था. एटीएस को पड़ोसियों से पूछताछ में आतंकी के दो अन्य साथियों के अलावा क्षेत्र में ही रहने वाले एक मौलाना के बारे में लीड मिली है. ये मौलाना क्षेत्र स्थित एक पार्क में आतंकी से मिलने जाता था, जहां दोनों घंटों बात करते थे. यह एक मस्जिद का मौलाना है. अब यह मौलाना गायब है. अब एटीएस उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है.
ऐसी बंधी है उम्मींद
एटीएस को यह भी पता चला है कि आतंकी चोटी मस्जिद में नमाज पढ़ता था. अब एटीएस आतंकी की गतिविधि पता लगाने के लिए वहां पर भी जाकर पूछताछ कर सकती है. मौलाना के मिलने से एटीएस को फरार दोनों संदिग्धों के बारे में जानकारी मिल सकती है.
रिमांड पर शहर ला सकती है
एटीएस ने लिया रिमांड पर
एटीएस ने आतंकी कमरुज्जमा को कस्टडी रिमांड पर ले लिया है. एटीएस ने पूछताछ कर उससे काफी जानकारी जुटा ली है. अब एटीएस तस्दीक करने के लिए उसको रविवार को शहर ला सकती है. एटीएस उसको कमरे, पार्क और गणेश मंदिर ले जाएगी. एटीएस तीनों जगहों की वीडियोग्राफी भी कराएगी.
थी बड़ी लापरवाही
चकेरी में आतंकी के पकड़े जाने के मामले में मकान मालिक उजियारी लाल यादव की हीलाहवाली सामने आई है. एक पड़ोसी के मुताबिक उसने आतंकी और उसके दोनों साथियों से बात की थी. आतंकी ने खुद और साथियों को टॉवर कर्मचारी बताया था, जबकि उसके साथी खुद को चप्पल कारीगर और टेनरी कर्मी बताते थे. इससे उन्होंने शक होने पर मकान मालिक को इसकी जानकारी दी, लेकिन मकान मालिक ने उस पर ध्यान नहीं दिया. अगर वह समय रहते पुलिस को जानकारी दे देते तो आतंकी के साथ उसके साथी भी पकड़े जा सकते थे.