27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरटीओ ऑफिस में चल रही अधिकारियों के ‘भाई-भतीजों’ की ‘वसूली’

लीजिए जी, दलाली, भ्रष्टाचार और वसूली से आरटीओ ऑफिस भी अछूता नहीं रहा. कारण है कि क्योंकि आरटीओ अफसर ही इस भ्रष्टाचार की ‘इमारत’ को खोखला करने में लगे हुए हैं. इनकी छत्रछाया में ही यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Alok Pandey

•

Updated: 17 Sep 2018, 8:51 AM IST

Kanpur

आरटीओ ऑफिस में चल रही अधिकारियों के ‘भाई-भतीजों’ की ‘वसूली’

कानपुर। लीजिए जी, दलाली, भ्रष्टाचार और वसूली से आरटीओ ऑफिस भी अछूता नहीं रहा. कारण है कि क्योंकि आरटीओ अफसर ही इस भ्रष्टाचार की ‘इमारत’ को खोखला करने में लगे हुए हैं. इनकी छत्रछाया में ही यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है. आरटीओ में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि दर्जनों प्राइवेट कर्मचारी और दलाल बाकायदा ऑफिस के अंदर कुर्सियों में बैठकर काम कर रहे हैं जिन्हें लोग पहचानते ही नहीं हैं. इन प्राइवेट कर्मचारियों को अफसरों ने अपनी भ्रष्टाचार की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए बैठा रखा है, जो इन अफसरों के लिए वसूली करते हैं और हिसाब-किताब कर उनतक पहुंचाते हैं. आइए देखें, क्‍या है आगे की जानकारी.

ऐसी मिली है जानकारी
आरटीओ दफ्तर के विभिन्न विभागों की जांच पड़ताल की गई तो सच सामने आया. लगभग हर विभाग में दो से तीन अवैध युवक बाकायदा कुसिर्यों में सरकार कर्मचारी की तरह काम निपटाते मिले. इनका लेखा जोखा किसी अधिकारी के पास नहीं है. इनके बारे में पता करने पर कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं हुआ.

सूत्रों के हवाले से मालूम पड़ा है
हमारे सूत्र ने बताया कि इन प्राइवेट कर्मचारियों में ज्यादातर अफसरों के भाई-भतीजे और अन्य रिश्तेदार हैं. ये दलालों का काम करते हैं और अवैध वसूली करते हैं. चौंकाने वाली बात तो यह है कि कानपुर कार्यालय से ट्रांसफर हो चुके कुछ बड़े अधिकारियों के भतीजे व गुर्गे अभी तक कार्यालय में वसूली में लगे हुए हैं.

अधिकारियों के साथ है उठना-बैठना
सूत्रों के हवाले से मालूम पड़ा है कि आरटीओ के कुछ भ्रष्ट अधिकारी व बाबूओं के बड़े दलालों से घनिष्ठ रिश्ते हैं, जिनके साथ उनका उठना-बैठना है. एक बड़े और चर्चित दलाल ने ने तो एक रिटायर्ड बाबू के साथ मिलकर निराला नगर में पार्टनरशिप में एक गेस्ट हाउस भी खोल रखा है. इस दलाल की सीधी पहुंच बड़े अधिकारियों के ऑफिस तक है. इनका मुख्य काम वाहनों की फिटनेस कराना है.