कानपुर में पिटबुल नस्ल के एक कुत्ते ने गाय को अपने जबड़ों से नोचकर गंभीर घायल कर दिया। जिसके बाद निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए शहर में खूंखार नस्ल के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। इस फैसले पर कानपुर मेयर प्रमिला पांडे ने मोहर लगा दी है।
पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के जिलों में खूंखार नस्ल के कुत्तों के काटे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में गाजियाबाद, नोएडा समेत कई शहरों में कुत्तों को पालने को लेकर गाइडलाइन जारी की गईं। इसके बाद भी हमले के कुछ मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अब यूपी के कानपुर में सामने आया है, जहां पिटबुल नस्ल के एक कुत्ते ने इस बार गाय को अपने निशाने पर ले लिया। उसने अपने जबड़ों से गाय को नोचकर गंभीर घायल कर दिया जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। इस मामले की शिकायत कानपुर नगर निगम से की गई जिसके बाद निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए शहर में खूंखार नस्ल के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
पालतू कुत्तों के कराए जा रहे रजिस्ट्रेशन
नगर निगम के इस फैसले पर कानपुर मेयर प्रमिला पांडे ने मोहर लगाते हुए प्रस्ताव को पारित कर दिया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, शहर में पिटबुल, रॉटविलर व अमेरिकन बुली जैसे खूंखार नस्ल के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध होगा। बात नहीं मानने वालों पर कार्रवाई होगी। बता दें कि जिस पिटबुल कुत्ते ने गाय पर हमला किया था, उसके मालिक पर नगर निगम ने 5000 रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उसके दोनों पिटबुल कुत्तों को अपनी कस्टडी में ले लिया है। हालांकि यूपी में सरकार की तरफ से जारी आदेश के बाद जिले के सभी पालतू कुत्तों के 200 से 500 रुपए में नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। हालांकि पिटबुल और रॉटविलर जैसे पालतू कुत्तों के मालिक को निगम बिना रजिस्ट्रेशन लौटा रहा है।
शहर में करीब 10 हजार के करीब कुत्ते पालतू
बता दें कि नगर निगम ने जल्दबाजी में आदेश तो पारित कर दिया लेकिन उसके पास ऐसा कोई भी डाटा नहीं है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि शहर में कितने आवारा कुत्ते गलियों में घूम रहे हैं। यही नहीं कितने परिवारों ने अपने पेट डॉग को पाल रखा है इसके बारे में भी कोई डेटा नहीं है। रजिस्ट्रेशन खोलने से पहले महज 300 कुत्तों का रजिस्ट्रेशन लोगों ने करा रखा था जो संख्या 750 तक जरूर पहुंच गई है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में करीब 10 हजार के करीब कुत्ते लोगों के घरों में पल रहे हैं। ऐसे में यह पता लगाना बड़ा मुश्किल होगा कि कहा पिटबुल, अमेरिकन बुली और रॉटविलर जैसे कुत्तों को पाला जा रहा है जो लोगों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।