तंबाकू पर नियंत्रण और लोगों को धूम्रपान करने से रोकने के लिए सरकार अब लक्ष्मण रेखा खींचेगी. इसके अंतर्गत शहर स्थित स्कूल, हॉस्पिटल और सरकारी विभागों के आसपास येलो लाइन खींची जाएगी, जिसके अंदर प्रवेश करते ही तंबाकू और सिगरेट के छल्ले नहीं बना सकेंगे.
कानपुर। तंबाकू पर नियंत्रण और लोगों को धूम्रपान करने से रोकने के लिए सरकार अब लक्ष्मण रेखा खींचेगी. इसके अंतर्गत शहर स्थित स्कूल, हॉस्पिटल और सरकारी विभागों के आसपास येलो लाइन खींची जाएगी, जिसके अंदर प्रवेश करते ही तंबाकू और सिगरेट के छल्ले नहीं बना सकेंगे. ऐसे में अगर कोई धूम्रपान करते पाया गया तो कोटपा कानून के तहत जुर्माना भरना होगा. प्रत्येक विभाग और संस्थाओं में इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे, जो धूम्रपान करने वाले लोगों पर कार्रवाई करेंगे.
इतना होगा दायरा
येलो लाइन अभियान के तहत संस्थानों में बिल्डिंग के गेट के बाहर से 100 गज के दायरे में येलो लाइन खींची जाएगी, जिसके अंदर प्रवेश करते ही आपको धूम्रपान छोडऩा होगा. वहीं संस्थानों के गेट पर तंबाकू मुक्त क्षेत्र और धूम्रपान रहित क्षेत्र का बोर्ड भी लगाना होगा, जिससे लोगों को इसकी जानकारी मिल सके. शहर के हैलट, उर्सला, नगर निगम, केडीए, कलक्ट्रेट, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी, कोर्ट कैंपस सहित सभी स्कूलों में इसकी शुरुआत की जाएगी. 26 जनवरी तक इस अभियान को पूरा किया जाना है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है.
दिलाई गई थी शपथ
15 अगस्त को लोगों को स्वतंत्रता दिवस के विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान तंबाकू प्रयोग न करने की शपथ दिलाई गई थी. जिसके बाद सभी विभागों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए थे, लेकिन अभियान के बाद भी विभागों में इसको लेकर निरंतर कार्रवाई नहीं की जा रही है. नगर निगम में भी सिर्फ एक बार ही अभियान चलाया गया, जिसमें 6 लोगों का कोटपा के तहत चालान किया गया था. वहीं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा हर महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को विभागों में अभियान चलाया जा रहा है.
बनीं कई योजनाएं
शहर में स्कूलों, सरकारी संस्थानों और हॉस्पिटल के बाहर गेट पर सिगरेट, पान और तंबाकू की दुकानें हैं, जिसे हटाने के लिए कई बार योजनाएं बनाई गईं, लेकिन कुछ दिनों में फिर सबकुछ पहले जैसा हो जाता है. उर्सला हॉस्पिटल के बाहर गेट पर ही दर्जनों ऐसी दुकानें हैं, जहां तंबाकू और धूम्रपान की पूरी सामग्री उपलब्ध हो जाती है. यही हालात हैलट हॉस्पिटल के बाहर का है. देर रात तक यहां लोग खड़े होकर धूम्रपान करते हैं.