
Karauli News: करौली जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत करीब 76 हजार सदस्यों की अब तक ईकेवाईसी नहीं हुई है। 30 नवम्बर तक राशन कार्डधारियों की ओर से ईकेवाईसी नहीं कराने पर ऐसे परिवारों को योजना के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। अभी 30 नवम्बर तक ईकेवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। इस तिथि तक ईकेवाईसी कराई जा सकती है। वैसे जिले में अब तक ईकेवाईसी का आंकड़ा 92.33 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिले में बीते कई महिनों से ईकेवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। योजना में लाभान्वित हो रहे कुल परिवारों के 9 लाख 93 हजार 947 सदस्यों की ईकेवाईसी हो चुकी है, जबकि अभी भी 76 हजार 282 सदस्य ऐसे हैं, जिनकी ओर से ईकेवाईसी नहीं कराई गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार राशनकार्ड में शामिल परिवार के सभी सदस्यों की ईकेवाईसी कराना जरुरी है।
| ब्लॉक | बकाया ई-केवाईसी (यूनिट्स) |
|---|---|
| हिण्डौन | 4,264 |
| करौली | 3,951 |
| मण्डरायल | 343 |
| सपोटरा | 525 |
| टोडाभीम | 1,014 |
विभागीय सूत्रों के अनुसार 30 नवम्बर तक ईकेवाईसी नहीं कराने पर उपभोक्ता को खाद्य सुरक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। इसके अलावा सस्ते घरेलू सिलेण्डर के लिए भी ईकेवाईसी आवश्यक है। गौरतलब है कि ईकेवाईसी एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसके तहत लाभार्थियों की पहचान को प्रमाणित किया जाता है। राशन कार्डधारियों के लिए यह प्रक्रिया एनएफएसए के तहत निर्धारित की गई है। ईकेवाईसी में उपभोक्ता को अपनी बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करना होता है।
| ब्लॉक | बकाया ई-केवाईसी (यूनिट्स) |
|---|---|
| हिण्डौन | 11,099 |
| करौली | 10,350 |
| मण्डरायल | 6,578 |
| मासलपुर | 5,622 |
| नादौती | 8,691 |
| सपोटरा | 8,264 |
| श्रीमहावीरजी | 5,709 |
| टोडाभीम | 9,872 |
जिले में वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कुल 2 लाख 19 हजार 217 राशनकार्ड हैं। इन राशनकार्ड में कुल 9 लाख 93 हजार से अधिक सदस्य शामिल हैं। रसद विभाग सूत्रों के अनुसार अब तक 9 लाख 17 हजार 665 (यूनिट) सदस्यों की ईकेवाईसी हो चुकी है, जबकि 76 हजार 282 यूनिट्स की ईकेवाईसी बकाया है।
खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिले में ईकेवाईसी का कार्य चल रहा है। अभी तक 92.33 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी ईकेवाईसी करा चुके हैं। 30 नवम्बर तक ईकेवाईसी कराई जा सकती है। शेष रहे सदस्य भी इस अवधि तक ईकेवाईसी करा सकते हैं।
-हितेश मीना, जिला रसद अधिकारी, करौली