22 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

करौली में ACB का बड़ा एक्शन: नया ट्रांसफार्मर देने के बदले रिश्वत मांग रहा था बिजलीकर्मी, पैंट की जेब से बरामद किए नोट

ACB Action: करौली में ACB ने जयपुर डिस्कॉम के कर्मचारी जगदीश बैरवा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर जले हुए बिजली ट्रांसफॉर्मर की जगह नया ट्रांसफॉर्मर दिलाने के बदले 9 हजार रुपए मांगने का आरोप है।
2 min read
Google source verification
Karauli Bribe Case

जयपुर डिस्कॉम का कर्मचारी जगदीश बैरवा (Photo-Patrika)

करौली. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को करौली जिले के हिंडौन सिटी में कार्रवाई करते हुए जयपुर डिस्कॉम के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान जगदीश बैरवा के रूप में हुई है। वह कार्यालय सहायक अभियंता ए-द्वितीय, जयपुर डिस्कॉम, हिंडौन सिटी में टेक्नीशियन प्रथम (सहायक स्टोर कीपर) के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि उसने जले हुए बिजली ट्रांसफॉर्मर के बदले स्टोर से नया ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत मांगी थी।

नया ट्रांसफॉर्मर देने के बदले मांगे थे 9 हजार

ACB के अनुसार, परिवादी का बिजली ट्रांसफॉर्मर जल गया था। नियम के तहत जला हुआ ट्रांसफॉर्मर जमा कराने के बाद उसे नया ट्रांसफॉर्मर स्टोर से मिलना था। इसी काम को करवाने के बदले जगदीश बैरवा पर 9 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। परिवादी ने इस संबंध में ACB चौकी करौली में शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले उसका सत्यापन कराया। इस दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ACB ने ट्रैप की योजना बनाई।

AEN कार्यालय में बुलाकर लिए 8 हजार रुपए

शिकायत के सत्यापन के बाद ACB करौली की टीम ने कार्रवाई की। परिवादी को एईएन कार्यालय परिसर में बुलाया गया, जहां आरोपी जगदीश बैरवा ने उससे 8 हजार रुपए रिश्वत ली। रकम लेते ही ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी रकम आरोपी की पहनी हुई पैंट की सामने की दाहिनी जेब से बरामद की गई।

पूछताछ के बाद आगे की होगी कार्रवाई

ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला की निगरानी में आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। ACB ने बताया कि इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद मामले की आगे जांच की जाएगी और रिश्वत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जाएगी।

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ ACB में मामला, प्राथमिक जांच या शिकायत दर्ज होती है, तो वह सीधे ACB से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण दे सकता है। ACB की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण की जांच और विस्तृत समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाता है। वहीं भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के लिए ACB के टोल फ्री नंबर 1064 और WhatsApp हेल्पलाइन 94135-02834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। ACB के मुताबिक, लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में शिकायत के जरिए सहयोग कर सकते हैं और अपने वैध काम के लिए मदद भी ले सकते हैं।