करौली

Rajasthan News : वीडियो में ‘आदर्श बातें’ और हकीकत में ‘रिश्वत का खेल’! आखिर क्यों वायरल हो रहा SDM काजल मीणा का पुराना वीडियो?

भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुईं नादौती एसडीएम काजल मीणा का एक पुराना 'मॉक इंटरव्यू' वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रशासनिक सेवा में आने का उद्देश्य 'जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव' और 'लेजिटिमेट अथॉरिटी' बता रही हैं।
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Apr 17, 2026
SDM Kajal Meena
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राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अधिकारी और नादौती की एसडीएम काजल मीणा की गिरफ्तारी ने पूरे प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को हिलाकर रख दिया है। लेकिन इस गिरफ्तारी के बीच अब चर्चा उस 'वायरल वीडियो' की हो रही है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं।

दरअसल, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के तुरंत बाद काजल मीणा का एक पुराना 'मॉक इंटरव्यू' वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में काजल ने प्रशासनिक सेवा में आने के जो तर्क दिए थे, आज उनकी असलियत कुछ और ही बयां कर रही है।

वायरल वीडियो: 'RAS में सैलरी और लाभ अच्छे हैं'

यूट्यूब पर मौजूद करीब 14 मिनट के इस इंटरव्यू का एक 45 सेकंड का हिस्सा वायरल हो रहा है। इसमें जब पैनल उनसे पूछता है कि "IIT से बीटेक करने के बाद आप प्रशासनिक सेवा में क्यों आना चाहती हैं?" तो काजल का जवाब था—
"इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला, आरएएस राज्य की प्रतिष्ठित सेवा है जहाँ सैलरी और लाभ अच्छे हैं। दूसरा, एक प्रशासनिक अधिकारी के पास जो 'लेजिटिमेट अथॉरिटी' होती है, उसका उपयोग कर वह आम जनता के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है।"

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आज राजस्थान की जनता पूछ रही है कि क्या 60 हजार रुपये की रिश्वत लेकर किसी की जमीन की डिक्री जारी करना ही वह 'सकारात्मक बदलाव' था जिसकी बात काजल ने की थी?

60 हजार की रिश्वत, 4 लाख की संदिग्ध कैश

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर सवाई माधोपुर इकाई ने 16 अप्रैल 2026 को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

मामला: परिवादी से उसकी जमीन की 'तकाशनामें की फाइनल डिक्री' जारी करने की एवज में रिश्वत मांगी गई थी।

ट्रैप: पहले 1 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन सौदा 50 हजार (एसडीएम के लिए) और 10 हजार (रीडर के लिए) यानी कुल 60 हजार रुपये में तय हुआ।

गिरफ्तारी: एसडीएम काजल मीणा ने अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के माध्यम से जैसे ही यह राशि प्राप्त की, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

बैग से निकले 4 लाख रुपये, उड़े अधिकारियों के होश

कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के पास मौजूद एक बैग की तलाशी ली गई, तो एसीबी के अधिकारी भी चौंक गए। उस बैग में रिश्वत के 60 हजार रुपये के अलावा 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध राशि भी बरामद हुई।

इस भारी-भरकम कैश के बारे में काजल मीणा और उनकी टीम कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई, जिसके बाद तीनों को डिटेन कर लिया गया।

IIT मंडी से बीटेक, फिर भ्रष्टाचार की कालिख

काजल मीणा का शैक्षणिक बैकग्राउंड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद वे ईपीएफओ (EPFO) और दूरसंचार विभाग में एएसओ (ASO) के पद पर भी रहीं। एक हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड और अच्छी सैलरी वाली नौकरी होने के बावजूद, महज चंद रुपयों के लालच ने उनके करियर पर वो कालिख पोत दी है, जिसे अब मिटाना मुमकिन नहीं।

राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी पर सवाल

महानिदेशक पुलिस (एसीबी) गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान का हिस्सा है। लेकिन काजल जैसे युवा और शिक्षित अधिकारियों का इस तरह भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाना राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे के लिए चिंता का विषय है।

Updated on:
17 Apr 2026 12:46 pm
Published on:
17 Apr 2026 12:46 pm