इस मानसून सीजन में पांचना बांध के तीन बार गेट खोलकर निकासी करनी पड़ी है।
इस मानसून सीजन में पांचना बांध के तीन बार गेट खोलकर निकासी करनी पड़ी है। पहली बार 9 जुलाई की शाम को दो गेट खोलकर पानी निकासी शुरू की गई थी। 10 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे बांध में पानी आवक थमने पर गेट बंद कर दिए गए, लेकिन इसी दिन रात करीब 9 बजे फिर बांध में पानी बढ़ गया, ऐसे में दो गेट खोलकर 11 जुलाई सुबह तक पानी गंभीर नदी में निकाला गया।
इसके बाद वर्तमान में 13 जुलाई से बांध में पानी की आवक लगातार जारी है, जिसके चलते बीते आठ दिन से बांध के गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इस बीच कभी एक, कभी दो और 18 जुलाई की रात को तीन व चार गेट खोलकर पानी निकासी की गई। हालांकि 19 जुलाई को सुबह दो गेट बंद कर दिए, जबकि दो गेटों से पानी निकासी रविवार शाम तक जारी रही। इस अवधि में कभी कम तो कभी ज्यादा मात्रा में पानी की निकासी की गई है। रविवार शाम 5 बजे तक बांध से 1540 एमसीएफटी पानी की निकासी हो चुकी।
पांचना बांध से छोड़ा गया पानी पहले गंभीर नदी में जाता है। गंभीर नदी होते हुए भरतपुर जिले के अजान बांध पहुंचता है, जहां से पानी घना के लिए छोड़ा जाता है। अजान बांध में पांचना बांध का पानी पहुंच गया है। इसके बाद शनिवार रात डाकन मोरी के जरिए यह पानी घना में ले लिया गया।
करौली जिले में मानसून खूब मेहरबान रहा है। पांचना बांध में पानी की आवक हुई, जिससे गेट खोलकर लगातार पानी की निकासी करनी पड़ी है। अब तक करीब 15४० एमसीएफटी पानी की निकासी गंभीर नदी में की जा चुकी है। यह पानी भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (घना) तक पहुंच गया है। गत वर्ष भी घना तक पानी पहुंचा था।
-सुशील कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, करौली