करौली

Karauli: करीब 19 दिन बाद मिला शहीद का शव, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार; 2 महीने पहले ही की थी ज्वॉइनिंग

उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा में शहीद हुए करौली के अग्निवीर अजीत सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
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Updated: 24 Aug 2025, 7:07 PM IST
karauli martyr ajit singh
Photo- Patrika Network

Karauli News: उत्तराखंड जिले के उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बादल फटने से आई प्राकृतिक आपदा में सपोटरा के गांव बुद्धपुरा भरतून निवासी अग्निवीर अजीत सिंह शहीद हो गए। रविवार दोपहर करीब 1 बजे अग्निवीर का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल हो गया, गांव में शोक की लहर छाई गई।

रविवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई अंकुर सिंह ने मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान अजीतसिंह अमर रहे के नारे गूंज उठे।

सैन्य अधिकारियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

दोपहर करीब 12 बजे जवान का पार्थिव शरीर सेना के ट्रक से उत्तराखंड से करौली के जिला सैनिक कल्याण कार्यालय पहुंचा। जहां सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सूबेदार मेजर हरीश गुर्जर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों में हवलदार धर्मेंद्र सिंह बाजना, कृष्णोवता सिंह और रघुराज सिंह चौहान ने भी श्रद्धांजलि दी। भाजपा के जिला प्रवक्ता जितेंद्र सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

चारों ओर गूंज उठे 'अजीतसिंह अमर रहे' के नारे

सैन्य अधिकारियों के साथ विधायक हंसराज मीणा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, उपखंड अधिकारी बाबूलाल और प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों लोगों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद घर से श्मशान घाट तक शवयात्रा निकाली गई। जिसमें जनसैलाब उमड़ा। चारों ओर अजीतसिंह अमर रहे के नारे गूंज उठे।

गौरतलब है कि अग्निवीर अजीत सिंह 5 अगस्त को उत्तराखंड में त्रासदी के बाद से लापता थे। करीब 19 दिन बाद उनका शव मिला।

अंतिम बार बहन से की थी बातचीत

अग्निवीर के छोटे भाई अंकुर सिंह ने बताया कि जवान अजीत सिंह की 4 जून को ही आर्मी ट्रेनिंग पूरी हुई थी। जिसके बाद वह 15 दिन की छुट्टी लेकर गांव आया था। 20 जून को 14 राजपूताना राइफल्स आर्मी बैस कैंप हर्षिल (उत्तराखंड) में ड्यूटी ज्वाइन कर ली। 4 अगस्त की शाम अंतिम बार अजीत ने बड़ी बहन प्रियंका से फोन पर बात की थी।

Updated on:
24 Aug 2025, 7:07 PM IST
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