करौली

कड़ाके की सर्दी में त्यागी गई ‘जाह्नवी’, जल्द बनेगी किसी आंगन की ‘सोन चिरैया’, 7 दिन पहले शौचालय में मिली, दत्तक प्रक्रिया शुरू

बरगमा रोड पर शौचालय में मिली नवजात कन्या अब स्वस्थ है और उसका नाम जाह्नवी रखा गया है। सात दिन की बच्ची एनआईसीयू में देखरेख में है। बाल अधिकारिता विभाग ने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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Jan 09, 2026
Karauli News Hindaun City
अस्पताल में बच्ची की इलाज जारी (फोटो- पत्रिका)

हिंडौन सिटी (करौली): मैं जाह्नवी हूं…मेरे नाम का अर्थ पवित्र गंगा नदी है, जिस तरह गंगा चट्टानों को पार कर निरंतर आगे बढ़ती रहती है, वैसे ही मैं भी आगे बढ़ूगी। मेरा जन्म नए साल के जश्न के बीच हुआ, उस देश में जहां कन्या को देवी माना जाता है। मैंने भी सोचा था कि मुझे परियों की तरह रखा जाएगा, लेकिन मेरा ऐसा भाग्य नहीं था।

जन्म लेते ही मुझे दुनिया की सबसे ठंडी और कठोर सच्चाई देखने को मिली। 10 डिग्री तापमान और कड़ाके की सर्दी में, मुझे एक छोटे से कपड़े में एक शौचालय में फेंक दिया गया, जिन हाथों ने मुझे जन्म दिया, उन्हीं ने मुझसे मुंह मोड़ लिया। लेकिन मेरी किस्मत में बहना लिखा था, रुकना नहीं।

तीन ‘आया मां’ कर रहीं देखभाल

मैं तीन जनवरी को बरगमा रोड पर एक घर के शौचालय में रो रही थी। मुझे सबसे पहले विष्णु सोनी ने उठाया। उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी और मुझे अस्पताल पहुंचाया गया। आज मैं पूरे सात दिन की और एकदम स्वस्थ हूं।

अभी एनआईसीयू वार्ड में हूं, यहां तीन आया मां मेरी देखभाल करती हैं। मुझे मदर मिल्क बैंक से दूध पिलाया जाता है। अब मुझे गोद देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही मैं फिर किसी ‘सोन चिरैया’ बनकर चहकूंगी, जो मुझे अपनाएगा फेंकेगा नहीं।

जल्द मिलेगा परिवार

बाल अधिकारिता विभाग बच्ची की देखरेख कर रहा है। उसके पुनर्वास और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार शुरू की गई है। विज्ञापन जारी कर आपत्तियां मांगी है। 30 दिन बाद बच्ची को राष्ट्रीय पोर्टल पर सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद योग्य दंपती के आवेदन के अनुसार उसका पुनर्वास किया जाएगा।
-आशीष बंसल, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, करौली

क्या था मामला, जानें पूरी घटना

हिंडौन सिटी शहर के बरगमा रोड क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जहां गलन भरी सर्दी के बीच एक मकान के शौचालय में नवजात कन्या को कपड़े में लपेटकर छोड़ दिया गया। ठिठुरती बच्ची की रोने की धीमी आवाज ने एक परिवार की महिला को चौंका दिया और समय रहते उसकी जान बच गई।

घटना सुबह करीब 6.30 बजे की थी। बरगमा रोड निवासी विष्णु सोनी के अनुसार, उनकी वृद्ध मां शौच के बाद मंदिर दर्शन के लिए गई थीं। करीब एक घंटे बाद जब वह लौटकर आईं तो शौचालय से रोने की आवाज सुनाई दी। परिजनों ने दरवाजा खोलकर देखा तो कमोड के पास कपड़े में लिपटी नवजात कन्या पड़ी मिली, जिसके साथ गर्भनाल भी जुड़ी हुई थी। बच्ची ठंड से कांप रही थी।

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सहायक उपनिरीक्षक दिनेश शर्मा मय जाब्ता नवजात को शॉल में लपेटकर तत्काल जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने बच्ची को एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कर उपचार शुरू किया। बाद में उसे बाल कल्याण समिति करौली की सदस्य फरीदा शाह को सौंपा गया।

जिला चिकित्सालय के चिकित्सक विजय सिंह मीणा ने बताया था, समय पर अस्पताल लाने से नवजात की जान बच गई। बच्ची का जन्म कुछ ही घंटे पहले हुआ प्रतीत होता है। फिलहाल, पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।

Updated on:
09 Jan 2026 04:26 am
Published on:
09 Jan 2026 02:46 am