करौली

करौली: पांचना बांध विवाद में चक्काजाम, गुर्जर समाज के नेता बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे

Karauli Panchna Dam: करौली में पांचना बांध की नहरों में तकनीकी खराबी से पानी का प्रवाह रुकने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। जिले के कई स्थानों पर चक्काजाम किया गया, जिससे करौली-गंगापुर और करौली-धौलपुर मार्ग बंद रहे।
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Jul 07, 2026
Panchna Dam Dispute
गुर्जर समाज के लोगों ने करौली मार्ग पर गुढला गांव में लगाया जाम (फोटो सोशल मीडिया)

Panchna Dam Dispute: करौली में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने और फिर तकनीकी खामी के कारण जल प्रवाह रुकने से किसानों का गुस्सा भड़क गया। इसके विरोध में स्थानीय किसानों ने जिले के विभिन्न मार्गों पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बता दें कि सोमवार को पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के चलते पानी का प्रवाह अचानक थम गया। कमांड क्षेत्र के किसानों तक पानी नहीं पहुंचने से वे आक्रोशित हो गए।

सोमवार शाम को ही किसानों ने कटकड़ टोडूपुरा मोड़ पर जाम लगा दिया, जो मंगलवार को जिले के अन्य प्रमुख मार्गों तक फैल गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्रशासन द्वारा तकनीकी खामी को दुरुस्त कर लिया गया, जिसके बाद मंगलवार शाम तक वजीरपुर उपखंड के कुंसाय गांव की नहरों तक पानी पहुंच गया।

विभिन्न मार्गों पर लगा जाम

इस आंदोलन के दौरान जिले में करीब आधा दर्जन स्थानों पर चक्काजाम किया गया। करौली-गंगापुरसिटी मार्ग और करौली-धौलपुर मार्ग पूरी तरह बंद रहे। गुर्जर समाज के लोगों ने करौली मार्ग पर स्थित गुढला गांव में बड़ा जाम लगाया, जिसका नेतृत्व प्रमुख नेता अशोक सिंह धबाई और हाकिम सिंह बैंसला कर रहे थे।

आंदोलन के दौरान गुर्जर समाज के नेताओं ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, माता और बहनों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम तक आप लोग टीका-टिप्पणी कर रहे थे वो ठीक है। लेकिन अगर महिलाओं, मातृशक्ति और समाज के ऊपर किसी ने भी टिप्पणी की, तो उन्हें बिल्कुल सीधा कर दिया जाएगा।

बताते चलें कि जाम के कारण निजी वाहनों, निजी बसों और राजस्थान रोडवेज की बसों के पहिए पूरी तरह थम गए। करौली बस स्टैंड से हिण्डौन, जयपुर, भरतपुर, अलवर और गंगापुरसिटी जाने वाली बसें सुबह से ही बंद रहीं। धौलपुर मार्ग पर सुबह 11 बजे तक बसें चलीं, लेकिन इसके बाद कोंडर मोड़ पर जाम लगने से यह मार्ग भी ब्लॉक हो गया। केवल कैलादेवी मार्ग पर ही बसों का संचालन सुचारू रह सका।

रोडवेज और निजी बस स्टैंडों पर दिनभर यात्रियों की भारी भीड़ जमा रही, जो बसें शुरू होने का इंतजार करती दिखी। इस चक्काजाम के कारण करीब चार दर्जन से अधिक रोडवेज बसों के शेड्यूल ठप हो गए, जिससे रोडवेज की राजस्व आय को बड़ा झटका लगा और निजी बस ऑपरेटर्स को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।

Updated on:
07 Jul 2026 08:55 pm
Published on:
07 Jul 2026 08:39 pm