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पांचना बांध: 20 साल बाद नहर में छोड़ा पानी, आधे घंटे में ही रुका; भड़के किसानों ने मेगा हाईवे जाम किया

Panchana Dam: करौली जिले के कुंसाय गांव में पांचना बांध से नहर में पानी नहीं पहुंचने पर किसानों ने गंगापुरसिटी-हिंडौन मेगा हाईवे जाम कर दिया। जल संसाधन विभाग ने गेट में तकनीकी खराबी से पानी रुकने की बात कही। एनडीआरएफ और गोताखोरों को बुलाया गया है। किसानों ने पानी आने तक धरना और जाम जारी रखने की चेतावनी दी।
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करौली

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Arvind Rao

Jul 06, 2026

Panchana Dam Farmers Protest

कुंसाय गांव के पास गंगापुर-हिंडौनसिटी मेगा हाईवे पर जाम लगाए बैठे किसान (पत्रिका फोटो)

Panchana Dam Farmers Protest: गंगापुरसिटी (करौली): पूरे बीस साल के लंबे इंतजार के बाद पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी तो छोड़ा गया। लेकिन ऐनवक्त पर आई एक बड़ी तकनीकी खामी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बांध से छोड़ा गया पानी महज आधा घंटे ही चल पाया, जिसके कारण कमांड क्षेत्र के वजीरपुर उपखंड स्थित कुंसाय गांव तक पानी नहीं पहुंच सका। इससे आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने गंगापुरसिटी-हिंडौनसिटी मेगा हाईवे पर लोहे के जाल लगाकर चक्काजाम कर दिया।

बता दें कि शाम करीब पौने पांच बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को पहले गंभीर नदी में पानी छोड़ने के बजाय नहरों में जल प्रवाह अधिक करना चाहिए था, ताकि संपूर्ण क्षेत्र को पानी मिल सके। किसानों ने सरकार और अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि जब तक कुंसाय गांव की नहरों में पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक उनका यह जाम और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

जल पूजन कार्यक्रम खटाई में पड़ा, अधिकारियों को घेरा

भौगोलिक दृष्टि से कुंसाय गांव बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि यहीं से पांचना बांध का पानी सवाईमाधोपुर जिले की सीमा में प्रवेश करता है। इस ऐतिहासिक पल के लिए प्रशासन की ओर से कुंसाय में एक भव्य जल पूजन समारोह भी आयोजित किया गया था, जहां टेंट-कुर्सियां लगाई गई थीं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंचाई मंत्री सुरेश रावत, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म तथा कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना को पहुंचना था।

लेकिन मंत्रियों के पहुंचने से पहले ही नाराज किसानों ने हाइवे जाम कर दिया, जिससे जल पूजन कार्यक्रम देर शाम तक शुरू नहीं हो सका। मौके पर मौजूद अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजोरा ने किसानों को तकनीकी खराबी की जानकारी देते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान मौके पर पानी आने की जिद पर अड़े रहे। जाम के चलते पुलिस को वाहनों के रूट डायवर्ट करने पड़े।

'जनप्रतिनिधियों की एंट्री बंद', किसानों ने दी चेतावनी

धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि नहर में पानी न आने से उनकी खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब वे केवल खोखले आश्वासनों से नहीं मानेंगे, उन्हें धरातल पर पानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी घोषणा की कि वे अब किसी भी विधायक या जनप्रतिनिधि को गांव में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पांचना बांध तक तो आए, लेकिन किसानों की पीड़ा सुने बिना ही वापस लौट गए। आंदोलनकारियों ने आसपास के गांवों के किसानों से भी इस धरने में शामिल होने की अपील की है, जिसके बाद मौके पर लगातार किसानों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

आखिर क्या आई तकनीकी खराबी?

करौली जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता वीके शर्मा के अनुसार, पांचना बांध से नहरों में पानी की सुचारू आपूर्ति के लिए बांध के पीछे के दो गेट और आगे का एक गेट खोला गया था। लेकिन अचानक आई तकनीकी खामी के कारण आगे का गेट वापस नीचे गिर गया, जिससे पानी का प्रवाह पूरी तरह रुक गया। गेट को दुरुस्त करने और तकनीकी समस्या के समाधान के लिए एनडीआरएफ की टीम तथा गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया है। प्रशासनिक तंत्र स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही कमांड क्षेत्र में पानी बहाल किया जाएगा।