
करौली। मध्यप्रदेश से लूटी गई करीब 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप की तलाश अब राजस्थान तक पहुंच गई है। राजस्थान के करौली जिले में पुलिस प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। 60 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस को आशंका है कि एमपी से लूटी गई तोप को राजस्थान के करौली जिले में छिपाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई क्षेत्रों की थाना पुलिस ने बुधवार को सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार करौली जिले के गांवड़ा मीणा गांव में सुबह से ही नरवर पुलिस और करौली पुलिस डेरा डाले हुए है। सदर थाना हिंडोन एसएचओ गिर्राज जाटव के साथ कई थानों के 60 से अधिक पुलिसकर्मी सर्च ऑपरेशन में जुटे है। पुलिस उस जगह का पता लगाने में जुटी हुई है, जहां पर हाल ही में खुदाई की गई। आशंका है कि तोप को यहां पर लाकर छिपाया गया है।
डीएसपी मुनेश मीना ने बताया कि तोप की तलाश की जुटी मध्यप्रदेश पुलिस ने करौली जिले का दौरा किया था। इस दौरान गांवड़ा मीणा के जंगलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया था। ऐसे में अब मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया है। भरतपुर से मेटल डिटेक्टर टीम को बुलाया गया है। यह टीम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मदद से जमीन के अंदर छिपी तोप का पता लगाएगी। वहीं, दो राज्यों के पुलिस के गांव में होने से ग्रामीण में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से 15 जुलाई की रात करीब 400 साल पुरानी और दुर्लभ सिंधियाकालीन तोप लूट लिए जाने का मामला सामने आया था। आरोप है कि करीब 30 हथियारबंद और नकाबपोश बदमाश लोडिंग वाहन लेकर दुर्गम रास्ते से होते हुए किले के अंदर घुसे। बदमाशों ने वहां मौजूद निहत्थे सुरक्षाकर्मियों को बंदूक की नोक पर धमकाया और 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप को लूटकर अपने साथ ले गए। तोप लूटने का मामला सामने आने के बाद पुरातत्व विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। अब राजस्थान में संभावित ठिकानों पर पुलिसकर्मियों की टीम सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है।